सविनय निवेदन है कि दिनांक 17 फरवरी 2026 को डॉ. अंबेडकर पार्क, बहादुरापुर, तहसील सिधौली, जनपद सीतापुर में डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के तत्वावधान में एक विशाल जनसभा एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं, छात्रों, किसानों एवं आमजन ने भाग लिया और सर्वसम्मति से निम्न मांगों के समर्थन में यह मांग पत्र प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी पर लगी रोक के कारण देश के अनेक विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में वंचित, दलित, पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न एवं शैक्षणिक अन्याय की घटनाएँ बढ़ी हैं। कई मामलों में छात्रों को अनुचित रूप से कम अंक दिए जाने, वाइवा के दौरान अपमानित किए जाने तथा छात्रवृत्ति और छात्रावास जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने की शिकायतें सामने आई हैं। यह स्थिति संविधान की मूल भावना “समान शिक्षा और समान अवसर” के विरुद्ध है।
इसी के साथ क्षेत्रीय जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किसानों, मजदूरों एवं गरीब वर्ग की ज्वलंत समस्याएँ भी इस जनसभा में प्रमुख रूप से उठाई गईं। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में किसानों की भूमि अधिग्रहण के बाद रोजगार न मिलना एक गंभीर समस्या बन चुकी है।
अतः माननीय प्रधानमंत्री महोदय से हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं —
यूजीसी पर लगी रोक को तत्काल हटाकर उसके प्रावधानों को देश के सभी विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में लागू किया जाए।
शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न एवं शैक्षणिक अन्याय करने वाले दोषी अधिकारियों एवं संस्थानों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
वंचित एवं गरीब वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति, छात्रावास, शोध अवसर एवं निष्पक्ष मूल्यांकन की संवैधानिक गारंटी दी जाए।
सभी किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए तथा बिजली बिल माफी लागू की जाए।
सभी पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
जिन पात्र परिवारों के राशन कार्ड से यूनिट काट दी गई हैं, उन्हें चिन्हित कर पुनः जोड़ा जाए।
भूमिहीन एवं गरीब किसानों को कृषि पट्टा एवं आवासीय पट्टा दिया जाए।
किसानों को समय पर खाद, बीज, सिंचाई एवं कृषि संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
रेडिको खेतान एवं मैग्ना फैक्ट्री में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन किसानों एवं उनके परिजनों को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी रोजगार दिया जाए।
क्षेत्रीय युवाओं को उनकी योग्यता अनुसार प्राथमिकता के साथ रोजगार दिया जाना अनिवार्य किया जाए।
जिन क्षेत्रों में किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है, वहां स्थानीय युवाओं को रोजगार सुनिश्चित करने हेतु सख्त नीति लागू की जाए।
किसानों, मजदूरों, छात्रों एवं कमजोर वर्ग को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की संवैधानिक गारंटी सुनिश्चित की जाए।
महोदय,
यह मांग पत्र संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय एवं समान अधिकारों की रक्षा हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है। आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें।
भवदीय,
राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष
अभय प्रताप सिंह त्यागी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ
जनसभा में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता —
वंश राज भारती, अनुज कुमार गौतम, संदीप राठौर, कुलदीप गौतम, विनोद गौतम, रामनरेश गौतम, राजू गौतम, गजोधर प्रसाद बादल, संदीप यादव, रामचंद्र गौतम, सोनम गौतम, मीना भारती, इंद्रसेन सिद्धार्थ, अशोक भार्गव, प्रमोद गौतम, बिंदेश्वरी यादव सहित अन्य।

