सीतापुर, 02 जून । डायरिया से डर नही कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महोली में डायरिया प्रबंधन विषय पर पी एस आई इंडिया द्वारा सोमवार को ए न म , आशा और आशा संगिनी का अभिमुखीकरण अधीक्षक डॉ दीपांशु शुक्ला जी के मार्गदर्शन में सम्पन हुआ । ज्ञात हो कि पी एस आई इंडिया द्वारा जनपद की सभी आधा आशा संगिनी ANM को डायरिया प्रबंधन पर अभिमुखीकरण किया जाना है इसी क्रम में आज महोली में ये प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डायरिया क्या है डायरिया फ़ैलता कैसे है इसके बचाव के तरीके है और डायरिया से बचने में हाथों की स्वच्छता का क्या महत्व है इसके बारे में विस्तार से बताया गया। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया व केनव्यू के सहयोग से ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में आशा ए न म संगिनी और स्वास्थ्य कर्मियों, का अभिमुखीकरण किया जा रहा है। इस मौके पर अधीक्षक महोदय के द्वारा आशाओ को ओ आर एस को बनाने का अभ्यास भी कराया गया।
डॉ दीपांशु शुक्ला जी ने कहा कि डायरिया से बचाव में हाँथ की स्वच्छता का महत्वपूर्ण योगदान है डायरिया समेत कई संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे सरल और कारगर तरीका कम से कम 20 सेकंड तक सही तरीके से हाँथ धोना दिनभर में हम हाथों से कई तरह के तरह के कीटाणु को ग्रहण करते है। इससे गंदगी, रोगाणु, कीटाणु और बैक्टीरिया की गिरफ्त में आने से हाथों को सही तरीके से धोना बहुत जरूरी होता है।
डॉ दीपांशु जी कहा कि आशा घर घर जब जाए तो लोगो को डायरिया से बचने के तरीकों पर चर्चा अवश्य करे तथा ओ आर एस घोल बनाने का तरीका भी बताए गंभीर रोगी को तुरंत अस्पताल भेजे । की ने बताया कि साफ हाथ साफ होने बहुत जरूरी है आशाओं को डायरिया रोकथाम और प्रबन्धन के बारे में भी विस्तार से बताया गया। डायरिया के दौरान ओआरएस से शरीर में पानी की कमी को रोकें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से सहायक शोध अधिकारी सुधीर शर्मा जी,बीसीपीम सुधीर शुक्ला जी आनन्द पांडे जी बीपीएम, गोल्डी जी और पी एस आई इंडिया के कमलेश कुमार जी प्रशिक्षण में सहयोग किया।
