आमोद कुमार
बांदा। अपराधी अक्सर यह मान बैठते हैं कि पहचान बदल लेने से उनके अपराध भी छिप जाएंगे, लेकिन कानून की सतर्क निगाहें हर छलावे को बेनकाब कर देती हैं। अतर्रा पुलिस ने ऐसी ही एक साजिश का पर्दाफाश करते हुए चोरी की मोटरसाइकिल बेचने की फिराक में घूम रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और क्षेत्राधिकारी अतर्रा प्रतिज्ञा सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के दौरान रात्रि गश्त कर रही पुलिस टीम को सूचना मिली कि सेमरिया मिर्दहा साईं मंदिर के आगे दो संदिग्ध युवक एक मोटरसाइकिल के साथ खड़े हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर दोनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों मुकेश कुमार पुत्र विजय बहादुर एवं गुरु प्रसाद पुत्र अशोक, निवासी नगनेधी थाना अतर्रा, ने स्वीकार किया कि उन्होंने 28 मई को कानपुर के रमाबाई चौराहे से KTM मोटरसाइकिल चोरी की थी। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उन्होंने बाइक की नंबर प्लेट बदल दी थी और उसे बेचने की योजना बना रहे थे। तलाशी के दौरान गुरु प्रसाद के कब्जे से एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ।पुलिस ने चोरी की KTM मोटरसाइकिल, तमंचा और कारतूस को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौबे
चौकी प्रभारी कस्बा अतर्रा गौरव प्रताप सिंह उपनिरीक्षक बालमुकुंद शुक्ला
कांस्टेबल पंकज द्विवेदी
कांस्टेबल रवीन्द्र श्रीवास
रिजर्व कांस्टेबल प्रदीप यादव
अतर्रा पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अपराधी चाहे नंबर प्लेट बदल लें या पहचान छिपाने की कितनी भी कोशिश कर लें, कानून के हाथ अंततः उनके गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं।
