बांदा। अक्सर देखा जाता है कि पात्र छात्र केवल दस्तावेजों की त्रुटियों, बैंक खातों की तकनीकी खामियों या समय पर आवेदन न होने के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं। यही कारण है कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए समय रहते तैयारी करना आवश्यक है।
जिलाधिकारी अमित आसेरी के निर्देश पर 2 जून को आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज, बांदा में पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों एवं नोडल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया को अंतिम समय तक टालने के बजाय जून माह से ही आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी जाएं।उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति प्राप्त हो, इसके लिए सभी विद्यार्थियों के बैंक खातों में एनपीसीआई मैपिंग, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड संशोधन तथा संस्थानों के डीएससी जैसे आवश्यक कार्य पहले से पूरे कर लिए जाएं। उनका कहना था कि छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियां अक्सर बड़ी बाधा बन जाती हैं, जिनका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है।कार्यशाला में यह भी बताया गया कि पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाएंहाईस्कूल,इंटरमीडिएट, स्नातक तथा प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होती है। विभाग द्वारा इसकी समय-सारिणी जुलाई माह में चरणबद्ध रूप से जारी की जाती है।यह कार्यशाला केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है जिसमें शिक्षा को अधिकार और छात्रवृत्ति को उस अधिकार तक पहुंचने का सेतु माना गया है। यदि संस्थान और विद्यार्थी समय रहते तैयारी करें, तो आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकता।
कार्यशाला में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि तथा आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
