मिर्जापुर
कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला पत्रकार पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया।
महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाले अधिकारी अब खामोश हैं
क्योंकि इस बार शिकार कोई आम महिला नहीं, बल्कि सच बोलने वाली कलम की सिपाही बनी है।
जानिए पूरा मामला:
पीड़ित महिला पत्रकार ने सिर्फ दो दिन पहले आरोपी के भाई पर मुकदमा दर्ज कराया था।
उसी रंजिश में आरोपी ने साथियों के साथ घर में घुसकर हमला कर दिया।
मारपीट, धमकी और दहशत फैलाने की पूरी कोशिश की गई।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पर पहले से ही कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
अब सवाल ये उठता है कि
क्या मिर्जापुर में महिला होना गुनाह है?
क्या पत्रकारिता करने की सज़ा अब जान से चुकानी पड़ेगी?
महिला पत्रकार ने प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
पर जनता पूछ रही है क्या कानून सिर्फ कागजों में रह गया है?” पत्रकार एकता जिंद
