महमूदाबाद ब्लॉक परिसर आज किसानों के आक्रोश का गवाह बना, जहां भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले सैकड़ों किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। हाथों में झंडे और बैनर लिए किसानों ने “मुर्दाबाद” के नारों से पूरे परिसर को गूंजा दिया।
किसानों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था और 19 तारीख तक समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में आज यह प्रदर्शन किया गया।
मीडिया को बाइट देते हुए सम्मत कुमार वर्मा, तहसील अध्यक्ष ने कहा
“अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं होता। किसानों के साथ लगातार धोखा किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने गौशालाओं में चारे की कमी, खराब पड़े सरकारी हैंडपंपों की मरम्मत और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया।
इतना ही नहीं, किसानों ने ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप भी लगाए, जिससे मौके पर माहौल और ज्यादा गर्म हो गया।
किसान नेताओं का कहना है कि
“जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
इस प्रदर्शन में महमूदाबाद के साथ-साथ अन्य तहसीलों के पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली। बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी।
फिलहाल प्रशासन किसानों को मनाने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।
सीतापुर से अब तक टीवी के लिए सुधीर वर्मा की रिपोर्ट

