गोरखपुर, 20 अप्रैल 2026 जनपद में चल रहे तीन दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गोरखपुर ने स्पष्ट किया है कि जो प्रगणक और सुपरवाइजर जनगणना प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहेंगे, उनके विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 की धारा-11 के तहत दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी।
क्या कहती है धारा-11
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा-11 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जिसे जनगणना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, बिना उचित कारण के अपने कर्तव्यों का पालन करने से इनकार करता है या जानबूझकर उपेक्षा करता है तो उसे 3 साल तक के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है। यह एक संज्ञेय अपराध है।
प्रशिक्षण से गायब कर्मियों पर नजर
प्रशिक्षण के पहले दिन नगर निगम क्षेत्र जोन-1, 2, 3, 4 एवं 5 के साथ तहसील खजनी एवं कैंपियरगंज में जनगणना प्रगणक व सुपरवाइजर का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण स्थलों का निरीक्षण कर चेतावनी दी कि यदि कोई कार्मिक प्रशिक्षण में शामिल नहीं होता है तो उनके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें लापरवाही या इनकार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी नियुक्त कार्मिकों को अधिनियम के प्रावधानों से अवगत करा दिया गया है। प्रशिक्षण में भोजन, पानी समेत सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसलिए अनुपस्थिति का कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा। आगे की प्रक्रिया
1. नोटिस जारी पहले चरण में अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा।
2. स्पष्टीकरण का मौका उचित कारण न बता पाने पर सेवा नियमावली के तहत निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
3. एफआईआर की कार्रवाई लगातार इनकार या ड्यूटी से भागने पर धारा-11 के तहत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य को सफल बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध विधिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
