मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप बालोद जिले में ’लखपति दीदी पहल’ महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रहा है। जिले की महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक अपनाकर ’ड्रोन दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान बना रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से जिले की 18,233 महिलाओं ने एक लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर ’लखपति दीदी’ की श्रेणी में अपना स्थान बना लिया है। उल्लेखनीय है कि ’लखपति दीदी’ भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसका प्राथमिक उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की 03 करोड़ महिलाओं को प्रशिक्षित कर परिवार के सभी श्रोतो से न्यूनतम आय 01 लाख रूपये वार्षिक किया जाना है। इस महत्वाकांक्षी पहल को पूर्ण करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री के सक्रिय समन्वय तथा निर्देशन से बालोद जिले में लखपति दीदी योजना को पूरी तत्परता से क्रियान्वित कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार किया गया है जिसमें प्राथमिकता बिहान से जुड़ी सभी सदस्यों के वर्तमान आय का सर्वे कर परिवार के आय के स्त्रोतो की जानकारी एकत्र करना रहा है। तत्पश्चात इसमें प्रयुक्त की जा रही तकनीक एवं परिवार विशेष के पास उपलब्ध संसाधन के आधार पर आय मूल्यांकन कर अंतर को समझ गया है तथा परिवारों को विभिन्न आय श्रेणी में विभाजित किया गया यथा 0-25 हजार, 26-60 हजार, तथा 60-99 हजार इस आधार पर लक्षित परिवारों की सूची तैयार की गई।
दूसरे चरण में परिवार एवं समूह के दीदीयों से चर्चा कर आय बढ़ाने के संभावित स्त्रोत एवं रूचि को जानना रहा। इसके आगामी चरण में रूचि एवं कार्य प्रकृति के अनुरूप कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, इसमें आरसेटी, आजीविका महाविद्यालय, एनआरएलएम तथा कृषि, पशुपालन उद्यानिकी, मत्स्य आदि विभागों से अभिसरित कर उक्त सभी संस्थाओं का विभिन्न स्तर पर प्रशिक्षण कराया गया है। इस क्रम को गति प्रदान करते हुए मुख्यतः राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से न्यूनतम ब्याज दर पर 109 करोड़ ग्रुप ऋण 1300 एसएचजी को 7.80 करोड़ सामुदायिक निवेश कोष 160 चक्रिय निधि के साथ-साथ 700 एसएचजी दीदीयों को वूमेन लेड इन्टरप्राईज लोन जिसमें मुद्रा, स्वयं सिद्ध, अंत्यावसायी, खादी ग्रामोद्योग, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 06 करोड़ की ऋण प्रदाय कराया गया है। इसके अतिरिक्त कलस्टर स्तरीय संगठन से भी 40 करोड़ का ऋण समूह एवं सदस्यों के बीच आंतरिक लेन-देन के तहत वितरित है। इन्हे ऋण प्रदाय करने के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता जिसके तहत सुरक्षित निवेश, डिजिटल बैंकिग और ऑनलाईन लेन-देन का प्रशिक्षण शामिल है। इसके पश्चात स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रमाणीकरण हेतु एफएसएसएआई पंजीयन आदि के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित् कराना, बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु लोकल मार्केट लिंकेज जिले में 30 उत्पादक संगठनों एफपीओ के माध्यम से मार्केट लिकेंज, ई-रिक्शा प्रदान करना, मोबाईल व्हीकल, स्टॉल, सरस मेला, बिहान मड़ई आदि का आयोजन कर उत्पादों के विक्रय में सहयोग प्रदान किया गया है, वर्तमान में उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। इन सभी के समेकित प्रयासों से जिले में अभी तक 18 हजार 233 लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुके है इनमें से अनेकों दीदीयों ने अपने परिश्रम एवं इच्छा शक्ति से एक विशेष पहचान बनाने में सफल रही है। कल तक जो हाथ सिर्फ चुल्हा-चैका संभालते थे आज वे ड्रोन उड़ाकर खेतो में खाद्य छिड़क रहे है।
बालोद जिले के परसदा डंग गांव की श्रीमती भुनेश्वरी साहू जो कि एक सामान्य गृहणी से ड्रोन दीदी तक का सफर तय कर चुकी है। भुनेश्वरी बताती है कि मेरा चयन संभावित लखपति दीदी के रूप में किया गया। तब मेरे परिवार की वार्षिक आय 60 हजार थी, समूह के कार्यों में मेरी सक्रियता को देखते हुए मुझे ड्रोन दीदी के लिए चयन किया गया। चयन पश्चात् मुझे 15 दिवस का प्रशिक्षण इंदिरा उड़ान एकेडमी ग्वालियर में प्रशिक्षण कराया गया। प्रशिक्षण के पश्चात् मेरे द्वारा ड्रोन से दवाई छिड़काव प्रारंभ किया गया इसके लिये ड्रोन के साथ-साथ वेन भी मुझे मिला है अब तक में 2950 एकड़ में दवाई…
