वर्ष दो हजार छब्बीस के पंचायत चुनाव से पहले विकास कार्यों पर उठाए सवाल, पारदर्शी व्यवस्था का किया बड़ा वादा
शंकरगढ़, प्रयागराज। बारा तहसील के शंकरगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कपारी में आगामी वर्ष दो हजार छब्बीस में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव भले अभी दूर हो, लेकिन गांव की राजनीति ने अभी से करवट लेनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत कपारी की निवासी निर्मला पाल ने खुलकर प्रधान पद के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर दी है। उनके इस ऐलान के बाद गांव की चौपाल, बाजार और गलियों में चुनावी चर्चा तेज हो गई है और संभावित मुकाबले को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दावेदारी की घोषणा करते हुए निर्मला पाल ने पंचायत में अब तक हुए विकास कार्यों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई योजनाएं कागजों में पूरी दिखाई जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। उनका आरोप था कि पंचायत के कई मजरे आज भी सड़क, नाली, पानी और मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि विकास का लाभ बराबरी से नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें मौका देती है तो सबसे पहले पूरी ग्राम सभा का वास्तविक सर्वे कराया जाएगा और हर मजरे की जरूरत के अनुसार विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत में पारदर्शिता लाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी और हर योजना का विवरण सार्वजनिक कराया जाएगा, ताकि गांव का हर व्यक्ति जान सके कि पंचायत का पैसा कहां खर्च हो रहा है। निर्मला पाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधान का पद सिर्फ कुर्सी नहीं बल्कि जिम्मेदारी होती है, और वह इस जिम्मेदारी को ईमानदारी के साथ निभाने का संकल्प लेकर मैदान में उतर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिला तो पंचायत का विकास बिना किसी भेदभाव के किया जाएगा और हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने गांव की प्रमुख समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगह सड़कें जर्जर हैं, नालियां अधूरी पड़ी हैं और बरसात के समय जलभराव से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायत के सभी मजरों को समान रूप से विकास से जोड़ा जाएगा और किसी भी क्षेत्र को उपेक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। निर्मला पाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की बात करते हुए कहा कि गांव में बेहतर पढ़ाई और इलाज की सुविधा न होने के कारण लोगों को बाहर जाना पड़ता है। इसलिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जूनियर हाई स्कूल का निर्माण उनकी प्राथमिक योजनाओं में शामिल रहेगा। इसके साथ ही छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों के लिए गौशाला निर्माण कराने का भी उन्होंने वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि कई पात्र लोगों के राशन कार्ड अब तक नहीं बने हैं, कई बुजुर्गों को समय पर पेंशन नहीं मिलती और गरीब परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवास, शौचालय, पेंशन, छात्रवृत्ति, शादी सहायता और अन्य योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाया जाएगा और किसी को भी भटकना नहीं पड़ेगा। निर्मला पाल ने पंचायत सचिवालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की बात कहते हुए कहा कि उनकी कोशिश होगी कि प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन और अन्य जरूरी काम पंचायत स्तर पर ही पूरे हो जाएं, ताकि लोगों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। अंत में उन्होंने ग्राम सभा कपारी की जनता से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि पंचायत का विकास किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि पूरे गांव के सहयोग से संभव होता है। उनके इस ऐलान के बाद कपारी ग्राम पंचायत में चुनावी माहौल गरमाने लगा है और माना जा रहा है कि वर्ष दो हजार छब्बीस का पंचायत चुनाव इस बार मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है।
