मास्टरबाग, सीतापुर।
भारतीय किसान यूनियन द्वारा होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन मास्टरबाग क्षेत्र में तहसील अध्यक्ष बाल गोविंद यादव के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी भाईचारे को मजबूत करना, किसानों की समस्याओं पर चर्चा करना तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष मयंक सिंह चौहान उपस्थित रहे। उनके साथ जिला प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह तोमर, राजेश कुमार सिद्धार्थ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. अम्बेडकर संवैधानिक महासंघ एवं प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस), तहसील प्रवक्ता आसाराम, बीरबल भार्गव, शक्ति सिंह, महामंत्री, तहसील प्रभारी सतीश, तहसील संयोजक रामराज, अध्यक्ष अवधेश यादव सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष बाल गोविंद यादव ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों का माल्यार्पण और स्वागत कर की गई। इसके बाद सभी वक्ताओं ने बारी-बारी से अपने विचार व्यक्त करते हुए किसानों की समस्याओं, कृषि व्यवस्था, सरकारी नीतियों तथा संगठन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य अतिथि जिला अध्यक्ष मयंक सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय किसान यूनियन हमेशा किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। खाद, बीज, डीजल और बिजली की कीमतें बढ़ने से किसान आर्थिक संकट में फंसता जा रहा है। ऐसे समय में किसान संगठनों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझना चाहिए और ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी मिलनी चाहिए ताकि किसान अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त कर सके। मयंक सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और किसानों के हितों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी।
जिला प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि किसान मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के लिए सिंचाई की बेहतर व्यवस्था, सस्ती बिजली, सस्ती खाद और कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने किसानों से संगठन के साथ मजबूती से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित किसान ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।
राजेश कुमार सिद्धार्थ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. अम्बेडकर संवैधानिक महासंघ एवं प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान और मजदूर समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग हैं, लेकिन आज भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसानों को भी उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि जब तक किसान संगठित होकर अपनी आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान पूरी तरह संभव नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो छोटे और सीमांत किसानों के हित में हों। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब किसान और आम जनता जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाए।
तहसील प्रवक्ता आसाराम ने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलनी चाहिए ताकि वे उन योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल आंदोलन करना ही नहीं बल्कि किसानों को जागरूक करना भी है।
बीरबल भार्गव ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो किसानों और ग्रामीण युवाओं को भी लाभ मिलेगा।
शक्ति सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर संगठन लगातार प्रयास कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान को अपनी मेहनत का उचित सम्मान और मूल्य मिलना चाहिए।
महामंत्री ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा।
तहसील प्रभारी सतीश ने कहा कि किसानों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे संगठन के साथ जुड़े रहें और किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहें।
तहसील संयोजक रामराज ने कहा कि गांव और किसान देश की आत्मा हैं। यदि गांव मजबूत होंगे तो देश भी मजबूत होगा। उन्होंने किसानों से आधुनिक खेती अपनाने और नई तकनीकों का उपयोग करने की अपील की।
अध्यक्ष अवधेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि होली का त्योहार प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देता है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में आपसी सद्भाव बढ़ता है और लोगों के बीच संवाद मजबूत होता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों ने भी अपनी समस्याओं को रखा और संगठन से अपेक्षा व्यक्त की कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाई जाए। किसानों ने बताया कि उन्हें फसल के उचित दाम, सिंचाई की समस्या, महंगी खाद और बिजली जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और उपस्थित किसानों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर सभी ने यह संकल्प लिया कि किसान हितों की रक्षा के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा तथा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के पदाधिकारियों द्वारा किया गया और अंत में तहसील अध्यक्ष बाल गोविंद यादव ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और किसानों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों की आवाज है और यह संगठन हमेशा किसानों के हित में कार्य करता रहेगा।
होली मिलन समारोह का यह आयोजन क्षेत्र में किसान एकता और सामाजिक सौहार्द का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बना, जिसमें किसानों की समस्याओं, अधिकारों और उनके भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एक-दूसरे का धन्यवाद किया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
