लखनऊ में बहुजन सशक्तिकरण संघ की बैठक सम्पन्न, आंबेडकर माह को लेकर बनी रणनीति
लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित सर्वोदय बौद्ध विहार में बहुजन सशक्तिकरण संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष ने की तथा संचालन वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा किया गया। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों के राष्ट्रीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में बहुजन समाज के सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद सभी उपस्थितजनों ने संविधान की रक्षा तथा बहुजन समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता राजेश कुमार सिद्धार्थ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. अम्बेडकर संवैधानिक महासंघ) ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान देश के शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” के संदेश को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बहुजन समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग और संगठित रहना होगा।
वहीं डा. जगजीवन राम सिद्धार्थ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, कर्मचारी प्रकोष्ठ) ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मचारी वर्ग सामाजिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण शक्ति है और उसे संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
नरेश पाल (संयोजक, डॉ. अम्बेडकर माह, लखनऊ) ने जानकारी दी कि आगामी अप्रैल माह को “डॉ. अम्बेडकर माह” के रूप में मनाने के लिए शहर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें जनजागरण अभियान, विचार गोष्ठियां, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम एवं युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने वाले आयोजन शामिल रहेंगे।
मनोज गौतम ने संविधान की कानूनी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में उपस्थित अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बहुजन समाज की एकता पर बल दिया तथा सामाजिक भेदभाव और अन्याय के विरुद्ध संगठित संघर्ष का आह्वान किया।
अंत में सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
यह बैठक संगठनात्मक एकता, सामाजिक जागरूकता और बहुजन समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

