ग्राम बलसिंहपुर में फर्जीवाड़ा उजागर — योगी सरकार के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां
सीतापुर (पहला विकासखंड):
योगी सरकार जहाँ एक ओर भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में सख्त कदम उठा रही है, वहीं सीतापुर जनपद के विकासखंड पहला के ग्राम पंचायत बलसिंहपुर में सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामवासियों ने पंचायत प्रशासन पर सरकारी धन के दुरुपयोग और कागज़ों में कार्य दर्शाकर लाखों रुपये की बंदरबांट का आरोप लगाया है।
ग्राम बलसिंहपुर के निवासी छत्रपाल के खेत में समतलीकरण कार्य दिखाकर भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप में ग्राम प्रधान राजकुमार यादव कथित रूप से यह कहते सुने गए हैं कि उन्होंने “संगम से कह दिया है कि उनका समतलीकरण करवा दो, उनका जॉब कार्ड लगा ही होगा।”
इस ऑडियो ने प्रशासनिक तंत्र की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा कार्य सिर्फ कागज़ों पर किया गया, जबकि मौके पर कोई भी वास्तविक कार्य नहीं हुआ।
इसके अलावा, ग्राम पंचायत के बड़े तालाब के चारों ओर लगभग ₹35,000 की लागत से वृक्षारोपण कार्य भी फर्जी तरीके से दिखाया गया है। ग्रामवासियों के अनुसार, उस समय तालाब में पानी भरा हुआ था और तीन दिशाओं में पहुँचना असंभव था, फिर भी भुगतान कर दिया गया। आज भी तालाब के चारों ओर न तो कोई पौधे दिखाई देते हैं और न ही वृक्षारोपण के कोई प्रमाण मौजूद हैं। तालाब की स्थिति आज झाड़-झंखाड़ और जंगली घास से भरी पड़ी है।
स्थानीय लोगों ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एक ग्रामीण ने नाम न बताने की शर्त पर बताया — “भ्रष्टाचारियों का कहना है कि पैसा ऊपर तक जाता है, इसलिए कोई कुछ नहीं कर सकता। पैसे में इतनी ताकत है कि अधिकारी भी बिक जाते हैं।”
ग्रामवासियों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच सीतापुर जिला प्रशासन या लोकायुक्त से कराई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
जानकारों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस तरह के फर्जीवाड़ों पर लगाम नहीं लगाई तो ग्रामीण विकास योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रहेंगी।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है — आने वाला समय ही बताएगा कि क्या बलसिंहपुर के भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी या नहीं
