कमलापुर (सीतापुर), दिनांक 8 अप्रैल 2026
जनपद सीतापुर के कमलापुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नरायनपुर मजरा सीतारसोई में आज भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का नेतृत्व राजेश कुमार सिद्धार्थ, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ एवं प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस द्वारा किया गया। उनके नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल श्रद्धांजलि सभा का रूप लिया, बल्कि यह एक सामाजिक जागरूकता अभियान के रूप में भी उभरा। कार्यक्रम में गजोधर प्रसाद, शिव प्रकाश, सुधीर कुमार, प्रेम कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग एवं सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और उनके द्वारा देश को दिए गए संविधान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवन में विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए समाज के वंचित वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिन्होंने देश को एक मजबूत और समतामूलक संविधान दिया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम सभी उनके बताए मार्ग पर चलें और समाज में व्याप्त भेदभाव, अन्याय एवं असमानता के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं।
उन्होंने आगामी 29 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली “डॉ. आंबेडकर संविधान स्वाभिमान यात्रा” को लेकर भी जोरदार आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा और सामाजिक चेतना जागृत करने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने क्षेत्र के सभी नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से इस यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
सिद्धार्थ ने कहा कि आज देश में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति न्याय और सम्मान प्राप्त नहीं कर लेता, तब तक बाबा साहेब का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपनाएं, संगठित रहें और संघर्ष करें—यही बाबा साहेब का संदेश है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने जो अधिकार हमें दिलाए हैं, उनकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का संदेश देता है, और हमें इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
सभा में सामाजिक एकता, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में समाज को विभाजित करने वाली शक्तियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना आवश्यक है, ताकि देश की एकता और अखंडता बनी रहे।
कार्यक्रम के दौरान “जय भीम”, “जय संविधान”, “जय भारत” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। उपस्थित लोगों में खासा उत्साह देखा गया और सभी ने एक स्वर में बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसलिए हमें अपने बच्चों को शिक्षित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें और समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभा सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे संविधान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे और समाज में समानता एवं न्याय स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
इस श्रद्धांजलि सभा ने न केवल बाबा साहेब के प्रति सम्मान प्रकट किया, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने का कार्य भी किया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और एकता का प्रतीक बनकर उभरा।
अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता बनाए रखने की अपील की।
