अर्जुन रौतेला। आगरा के खंदारी बायपास रोड स्थित होटल विक्रम पैलेस का सभागार उस समय भक्ति और आस्था के दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा, जब तारक सेवा संस्था एवं शब्दोत्सव फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं काव्य संध्या का भव्य आयोजन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में किया गया चालीसा पाठ वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) आजाद भगत सिंह, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. रंजना बंसल और स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी एके सिंह एवं मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संत अरविंद महाराज द्वारा भगवान श्री हनुमान जी के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अपने आशीर्वचनों में राष्ट्रीय संत अरविंद महाराज ने कहा कि हनुमान भक्ति व्यक्ति को अदम्य शक्ति, साहस और समर्पण प्रदान करती है, तथा प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा ही जीवन को सार्थक बनाती है।
कार्यक्रम संयोजक प्रो. उमापति दीक्षित ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हनुमान चालीसा केवल स्तुति नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला दिव्य मंत्र है, जो हर संकट से लड़ने की शक्ति देता है। उन्होंने भक्तिमय भाव के साथ अंजनि-पुत्र महाबल-धाम, कपिस्वर कालहुं के मदहारी। कंचन-से तन सोहत राजत, हाथ गदा अरु देह वज्रारी॥ राम के काज संवारे सदा, तुम संकट-मोचन मंगल-कारी। भूत पिशाच निकट नहिं आवत, नाम जपे जब वीर प्रचारी॥ पंक्तियों से
श्री हनुमान जी की महिमा पर आधारित काव्य संध्या के लिए कवियों को मंच पर आमंत्रित किया। कवियों ने अपनी ओजपूर्ण और भक्तिमय रचनाओं से वातावरण को आलोकित किया।
काव्य संध्या का संचालन करते हुए संस्कारों की पाठशाला के नाम से प्रख्यात कवि पदम गौतम ने अपने काव्य पाठ में कहा कि “धर्महीन रथ के पहिये का पथ में रुकना निश्चित है, रामनाम से विमुख हुए शीषों का झुकना निश्चित है…।
अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने हर कष्ट मिटाने को जग में, आते बजरंग बली। खुशियों का शुभ आशीष साथ, लाते बजरंग बली... पंक्तियों का पाठ किया।
इसके अतिरिक्त अशोक चौबे, डॉ. बृज बिहारी लाल ‘बिरजू’ ने भी अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को भक्तिमय ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
इसके उपरांत संतोष तिवारी के निर्देशन में संगीतमय स्वर में सामूहिक श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर…” की गूंज से पूरा सभागार भक्तिमय हो उठा और उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर बजरंग बली से विश्व में युद्ध के संकटों से मुक्ति की कामना की।
इस अवसर पर गीता प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. हरिवंश पांडे, प्रो. लव कुश मिश्रा, हेमंत द्विवेदी, डॉ. भोजराज शर्मा, प्रो. डीएस यादव, कोषाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार सिंह, प्राचार्य आरबीएस कॉलेज प्रो. विजय श्रीवास्तव, सुनील दीक्षित, निर्मला दीक्षित, डॉ. शिवानी पाठक, प्रीति यादव, वंदना पाराशर, दिवाकर तिवारी, प्रो. हरभान सिंह, मोहित सक्सैना, प्रो. वेद अमिता त्रिपाठी, हिरेंद्र हृदय आदि उपस्थित रहे।
