गोरखपुर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप होती नजर आ रही है। परिसर में लगा RO ड्रिंकिंग वाटर प्लांट, जो आमजन को शुद्ध व शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था, अब महज शोपीस बनकर रह गया है।
फोटो में लगे शिलापट्ट के अनुसार यह RO प्लांट ऐश्प्रा फाउंडेशन (Aisshpra Foundation) द्वारा, हरी प्रसाद गोपी कृष्ण सराफ प्रा.लि. के माध्यम से जिसका लोकार्पण 15 नवम्बर 2022 को किया गया था।
मौके की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि RO प्लांट तो मौजूद है, लेकिन पानी की उपलब्धता या सुचारू संचालन नहीं होने से लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। दूर-दराज से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले नागरिकों को पीने के पानी तक के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच पानी की ऐसी किल्लत प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक इस समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
प्रशासनिक मुख्यालय में ही जब मूलभूत सुविधाओं का यह हाल है, तो अन्य सरकारी कार्यालयों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जनता ने जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि आने-जाने वाले लोगों को राहत मिल सके।
