सिधौली (सीतापुर)
जनपद सीतापुर की 152 विधानसभा सिधौली क्षेत्र में संविधान जागरूकता एवं सामाजिक एकता को लेकर एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व डॉ आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने किया। उनके नेतृत्व में ग्राम कानमऊ की चमारपुरवा, तिवारीपुर सझां, हर्दी सहित विभिन्न गांवों में भ्रमण कर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के दौरान राजेश कुमार सिद्धार्थ ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बाबा साहेब के सपनों को साकार करना है तो उनके विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि संविधान और बाबा साहेब के सिद्धांतों की जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब तक बहुजन समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक वह सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त नहीं बन पाएगा।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब द्वारा रचित संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों की गारंटी है। यह हर नागरिक को समान अधिकार देता है और एक समतामूलक समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सपना एक ऐसे भारत का निर्माण करना था जहां किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले।
तिवारीपुर सझां एवं हर्दी गांव में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिसके द्वारा समाज अपने अधिकारों को समझ सकता है और अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहेब के विचारों को पढ़ें और उन्हें अपने जीवन में उतारें।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि “जब तक सूरज और चांद रहेगा, बाबा साहेब का नाम अमर रहेगा।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को जो बराबरी का अधिकार मिला है, वह बाबा साहेब के अथक संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहेब ने महिलाओं को भी समान अधिकार दिलाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज को कपटी और धोखेबाज नेताओं से सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई नेता केवल चुनाव के समय जनता के बीच आते हैं, “जय भीम” के नारे लगाते हैं और चुनाव के बाद गायब हो जाते हैं। ऐसे नेताओं से सतर्क रहना आवश्यक है।
उन्होंने बाबा साहेब के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि “मुझे पढ़े-लिखे लोगों ने धोखा दिया है।” साथ ही मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जो नेता समाज और मिशन के लिए काम नहीं करता, वह समाज के साथ विश्वासघात करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अमूल्य मत का प्रयोग सोच-समझकर करें और ऐसे प्रतिनिधियों को चुनें जो वास्तव में समाज के विकास के लिए समर्पित हों।
इस दौरान आगामी 29 अप्रैल 2026 को मास्टरबाग में आयोजित होने वाले बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मोत्सव एवं प्रकाश महोत्सव को लेकर भी चर्चा की गई। राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि यह कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा और जनपद सीतापुर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर बाबा साहेब का जन्मोत्सव “प्रकाश महोत्सव” के रूप में मनाया जाएगा।
उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और आम जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में पहुंचकर इसे सफल बनाएं और बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। गजोधर प्रसाद ने बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन को प्रेरणादायक बताते हुए समाज को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। पच्चा गौतम ने सामाजिक एकता और जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि यही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। नंदलाल गौतम ने कहा कि बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर ही एक मजबूत और संगठित समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएंगे और समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य निरंतर करते रहेंगे। साथ ही 29 अप्रैल को आयोजित होने वाले प्रकाश महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का संकल्प भी लिया गया।
इस अवसर पर गजोधर प्रसाद, पच्चा गौतम, नंदलाल गौतम सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, संविधान के प्रति लोगों को शिक्षित करना और बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
यह जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान बहुजन समाज को एकजुट करने और सामाजिक चेतना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो
