गोरखपुर पीपीगंज नगर पंचायत क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के आसपास आईपीएल सीजन के दौरान अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जिससे युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्रिकेट मैचों के परिणाम पर दांव लगाने के नाम पर संगठित गिरोह शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सक्रिय हैं और मोबाइल व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों रुपये का लेन-देन कर रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, सट्टेबाजी के इस जाल में न केवल आम युवा बल्कि संभ्रांत वर्ग के लोग भी फंसते जा रहे हैं। जल्दी पैसा कमाने के लालच में कई लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई ही नहीं, बल्कि पारिवारिक संपत्ति तक गंवा दी है। कई परिवारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें सट्टे में हारी रकम चुकाने के लिए जमीन-जायदाद बेचनी पड़ी, जबकि कुछ लोग कर्ज के बोझ से दबकर दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।जानकारों का कहना है कि आईपीएल जैसे लोकप्रिय टूर्नामेंट का उपयोग सटोरिये बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। पंटरों के जरिए लोगों को फोन कर लुभाया जाता है और उन्हें दांव लगाने के लिए उकसाया जाता है। हार के बाद सटोरियों का दबाव बढ़ने से कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।वहीं, इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से संचालित इस नेटवर्क पर प्रशासन की निष्क्रियता चिंता का विषय बन गई है।पीपीगंज में आईपीएल के दौरान प्रतिदिन लाखों रुपये की आनलाइन सट्टेबाजी हो रही है, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके और युवाओं को इस दलदल में फंसने से बचाया जा सके।

