गोरखपुर महराजगंज, 24 अप्रैल 2026 बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट, जिला महराजगंज ने अभिभावकों के नाम एक विधिक सूचना एवं जनहित अपील जारी की है। ट्रस्ट के सह-संस्थापक अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने यह अपील कानपुर में प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव की आत्महत्या की घटना के बाद जारी की है। प्रियांशु ने अपने पिता के मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर जान दे दी थी और सुसाइड नोट में लिखा था। पापा जीत गए।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि संतान को लगातार ताना मारना, घर से निकालने की धमकी देना या सार्वजनिक रूप से अपमानित करना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। यदि किसी पिता के व्यवहार, डांट या उलाहने के कारण पुत्र आत्महत्या करता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।
बच्चों को असफलताओं पर डांटने के बजाय प्रेरित करें। वकालत या किसी भी पेशे की शुरुआत कठिन होती है, वहां वित्तीय सहयोग से ज्यादा मानसिक सहयोग चाहिए। यदि पुत्र अकेला रहता है, कम बोलता है या डरा हुआ रहता है, तो डांटने के बजाय मनोवैज्ञानिक की सहायता लें।
आत्मसम्मान केवल बड़ों का नहीं, बच्चों का भी होता है। घर को कचहरी या जेल न बनाएं। बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट ने कहा कि भविष्य में किसी भी अधिवक्ता या युवा के साथ अभिभावकों द्वारा अमानवीय क्रूरता की जानकारी मिलने पर ट्रस्ट पीड़ित के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा हेतु विधिक हस्तक्षेप करेगा।
संतान की हार में अपनी जीत तलाशना बंद करें, क्योंकि आपकी वही जीत अंततः आपकी सबसे बड़ी हार और जीवन भर का पछतावा बनेगी।
