मास्टरबाग में संविधान स्वाभिमान यात्रा बनी ऐतिहासिक, 25 हजार मोमबत्तियों से जगमगाया प्रकाश महोत्सव
सीतापुर, 29 अप्रैल।
रिपोर्टर: विनोद कुमार
मास्टरबाग क्षेत्र में बुधवार को सामाजिक न्याय, संविधान सम्मान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एक भव्य “संविधान स्वाभिमान यात्रा” का आयोजन किया गया। राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में निकली इस विशाल यात्रा में हजारों लोगों की भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होने पहुंचे।
यात्रा में करीब 100 से अधिक ई-रिक्शा, ऑटो, चार पहिया वाहन और सैकड़ों मोटरसाइकिल शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने हाथों में झंडे और बैनर लेकर “जय भीम” और “जय संविधान” के नारों के साथ पूरे क्षेत्र को गूंजायमान कर दिया। लोगों का उत्साह और जोश देखते ही बन रहा था, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया।
यात्रा शुरू होने से पहले पंच पीर स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद राजेश कुमार सिद्धार्थ ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। यात्रा तिवारीपुर, बहादुरपुर, भण्डिया और भूचकैली सहित कई गांवों से होकर गुजरी, जहां स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। जगह-जगह जलपान की व्यवस्था भी की गई, जिससे यात्रा में शामिल लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शाम होते-होते यात्रा मास्टरबाग लौट आई और एक विशाल जनसभा में परिवर्तित हो गई। जनसभा में विभिन्न वक्ताओं ने संविधान की रक्षा, सामाजिक समानता और शिक्षा के महत्व पर विस्तार से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब के बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में समानता और न्याय की स्थापना संभव है।
रात्रि के समय कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “प्रकाश महोत्सव” रहा, जिसमें लगभग 25 हजार मोमबत्तियां जलाकर पूरे क्षेत्र को रोशन किया गया। दीपों की रोशनी से मास्टरबाग क्षेत्र जगमगा उठा और वातावरण भावनात्मक व प्रेरणादायक बन गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने मौन रखकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने सामाजिक न्याय, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। इस भव्य आयोजन ने न केवल क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि समाज को एकजुट करने का भी संदेश दिया। यह ऐतिहासिक आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
