अर्जुन रौतेला। मंडलायुक्त आगरा की अनुपस्थिति में आज टीम पापा के प्रतिनिधिमंडल ने अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा।
अपर आयुक्त ने मामले की गंभीरता को समझते हुए ज्ञापन के संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक मुकेश अग्रवाल एवं जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र शेखर से बात की और निर्देशित किया कि दिए गए ज्ञापन के संबंध में अतिशीघ्र व स्पष्ट आख्या दें।
टीम पापा के संस्थापक मनोज शर्मा ने कहा ने कहा कि उ०प्र० शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 की धारा 4(3) (ख) (पाँच) के बावजूद 7 साल से किताब-कॉपी व यूनिफॉर्म की कमीशनखोरी चल रही है। हमें संदेह है कि ये शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता के बिना संभव नहीं है। इसलिए हमने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए। डीएफआरसी के सीए सदस्यों के मानदेय के दुरुपयोग की भी जांच हो।
ज्ञापन की मुख्य मांगों में पहली सीबीआई जांच है जिसके अंतर्गत किताब-कॉपी, यूनिफॉर्म कमीशनखोरी व विभागीय भूमिका की सीबीआई जांच हो।
दूसरी डीएफआरसी जांच में 2018 से 2025 तक जिला व मंडल समितियों की निष्क्रियता व सीए सदस्यों के मानदेय भुगतान की जांच हो।
तीसरी मांग में कमीशनखोरी करने वाले 32 चिन्हित विद्यालयों पर एफआईआर व मान्यता रद्द की कार्रवाई हो।
चौथी मांग है कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार वर्ष 2020 की 15% फीस ब्याज सहित वापस दिलाई जाए।
मनोज शर्मा ने कहा कि अपर आयुक्त ने हमारी बात सुनी और आख्या देने के निर्देश दिए हैं। हम 1 मई तक प्रतीक्षा करेंगे। यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन व कानूनी विकल्प अपनाएंगे।
ज्ञापन देने वालों में शोभित जेतली, प्रवीण सक्सेना, अरुण मित्तल, अखिल यादव, राकेश शर्मा व जनप्रहरी संस्था के अध्यक्ष नरोत्तम शर्मा आदि उपस्थित रहे।

