रीवा जिले के त्योंथर तराई क्षेत्र से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत मदरो में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची आबकारी टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जहां सरपंच पुत्र विवेक सिंह दीपू ने टीम पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए खुलकर विरोध दर्ज कराया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कंपोजिट शराब दुकानों से बड़े पैमाने पर गांव-गांव शराब की पैकारी की जा रही है। बोरी और पेटियों के माध्यम से खुलेआम सप्लाई होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। हालांकि विभाग समय-समय पर कार्रवाई का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
ताजा घटना में जब आबकारी टीम मदरो गांव पहुंची, तो उनके साथ कुछ संदिग्ध निजी लोग भी मौजूद थे। आरोप है कि ये लोग शराब कारोबार से जुड़े पैकार और गुर्गे थे। इसी बात को लेकर सरपंच पुत्र ने आपत्ति जताई और टीम से गाड़ियों में मौजूद शराब व साथ आए लोगों के बारे में जानकारी मांगी।
बताया जा रहा है कि सवालों के घेरे में आने के बाद आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके से वापस लौट गए। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे विभाग की कार्यशैली पर और भी सवाल उठने लगे हैं।
अंतिम लाइन:
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?

