शिव हरि शर्मा/अब तक न्याय
ब्राह्मण महर्षि दाधीच भी हैं जिन्होंने परमार्थ हेतु अपनी अस्थियां भी दान कर दी थी। और दूसरी और ब्राह्मणों के पूर्वज भगवान परशुराम भी हैं जिन्होंने अपने भुजबल से राजाओं की भूमि को छीनकर देवताओं को दान में कई बार दी थी। जिसका उल्लेख रामायण में भी किया गया है।
उक्त विचार भारतीय स्वयंसेवक संघ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रमुख अनिल मिश्र ने अपनी आवास पर बने प्रदेश कार्यालय पर आयोजित ब्राह्मणों की बैठक में व्यक्त किया।
