असामाजिक तत्वों और शराबखोरी पर कसेगा शिकंजा, CSP राजीव पाठक के नेतृत्व में देर रात तक चली कार्रवाई
रीवा। अब रात 10 बजे के बाद बिना किसी जरूरी काम के शहर की सड़कों पर तफरी काटना लोगों को महंगा पड़ सकता है। रीवा पुलिस ने असामाजिक तत्वों, शराबखोरी और देर रात संदिग्ध रूप से घूमने वालों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है।
शनिवार शाम से शुरू हुए इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस ने देर रात तक सघन चेकिंग और पूछताछ की। CSP राजीव पाठक के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में थाना प्रभारी समान विजय सिंह बघेल सहित भारी पुलिस बल शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहा। पुलिस ने दर्जनों वाहनों की जांच की, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौके पर ही कार्रवाई की। पुलिस का मानना है कि देर रात सड़कों पर बेवजह घूमने वाले कई लोग चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं या फिर अपराधियों को मदद पहुंचाते हैं।
बिना कारण घूमे तो होगी पूछताछ
CSP राजीव पाठक ने बताया कि अब रात 10 बजे के बाद बिना उचित कारण घूमते मिलने वाले लोगों से सख्ती से पूछताछ की जाएगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी पूरी जानकारी, नाम, पता और मोबाइल नंबर नोट किया जाएगा। संदिग्ध पाए जाने पर थाने लाकर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहर में लगातार बढ़ रही चोरी और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार को भी विशेष चेकिंग की गई थी और अब यह अभियान प्रतिदिन चलाया जाएगा।
सार्वजनिक शराबखोरी पर सख्ती
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वालों और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। ऐसे लोगों को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा का माहौल बनाना और अपराधियों में पुलिस का भय कायम करना है। आने वाले दिनों में शहर के सभी थाना क्षेत्रों में इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि रात में कोई जरूरी काम हो तो पहचान पत्र साथ रखें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 या नजदीकी थाने को दें।
