बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीतिक सरगर्मियों को दर्शाता है, जिसमें राजद नेता तेजस्वी यादव ने मतदाताओं को साधने के लिए कई लोकलुभावन घोषणाएं की हैं। उनके बयान का सार इस प्रकार है —
मुख्य घोषणाएं और वादे:
पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना:
महागठबंधन की सरकार बनने पर पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को वर्तमान से दोगुना भत्ता दिया जाएगा।
पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन व बीमा:
पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के लिए पेंशन योजना लागू की जाएगी और ₹50 लाख तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
पीडीएस (राशन डीलर) को लाभ:
प्रति क्विंटल कमीशन (मार्जिन मनी) में बढ़ोतरी।
पीडीएस डीलरों को मानदेय दिया जाएगा।
58 वर्ष की सेवा सीमा (अनुकंपा नियुक्ति में) समाप्त की जाएगी।
नाई, लोहार, कुम्हार और बढ़ई को सहायता:
मेहनतकश पारंपरिक जातियों को ₹5 लाख की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे आधुनिक औजार खरीदकर स्वरोजगार कर सकें।
तेजस्वी यादव का राजनीतिक संदेश:
भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने 20 साल तक बिहार पर राज किया लेकिन राज्य में विकास नहीं हुआ।
जनता से अपील की कि महागठबंधन को सिर्फ़ 20 महीने दें, “हम बिहार में वास्तविक बदलाव लाएंगे।”
कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है क्योंकि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अपराध चरम पर हैं।
राजनीतिक माहौल:
सभी पार्टियों ने चुनावी दांव-पेच तेज कर दिए हैं।
तेजस्वी यादव लगातार ‘बदलाव और रोजगार’ को केंद्र में रखकर जनसमर्थन जुटा रहे हैं।
महागठबंधन का फोकस ग्रामीण और परंपरागत श्रेणी के मतदाताओं पर है, जबकि भाजपा विकास और स्थिरता के मुद्दे को आगे रख रही है।
