एनडीए ने किया स्पष्ट ऐलान: चुनाव जीतने पर नीतीश कुमार ही होंगे मुख्यमंत्री
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सूबे की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। महागठबंधन जहां तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर चुका है, वहीं एनडीए पर अब तक अपने सीएम चेहरे को लेकर सवाल उठते रहे। लेकिन अब एनडीए की ओर से स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि यदि एनडीए की सरकार बनती है, तो नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे।
मुंगेर जिले की तारापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे सम्राट चौधरी ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भाजपा जल्द ही अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनावी घोषणापत्र जारी करेगी। उन्होंने बताया कि एनडीए बिहार के विकास के लिए ठोस एजेंडे पर काम कर रहा है।
20 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए अगले पांच वर्षों में बिहार में 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए राज्य में औद्योगिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभी तक 7282 एकड़ जमीन लैंड रिजर्व के रूप में मौजूद है, जबकि 14000 एकड़ जमीन खरीदी जा चुकी है। एनडीए का लक्ष्य अगले चरण में 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार करने का है, ताकि बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना की जा सके।
“सीएम पद की कोई वैकेंसी नहीं”
मुख्यमंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर सम्राट चौधरी ने साफ कहा,
“हमारे यहां कोई वैकेंसी नहीं है। नीतीश जी मुख्यमंत्री हैं और आगे भी रहेंगे। भाजपा ने ही 2005 में पहली बार नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में पेश किया था। उनकी विचारधारा भले अलग हो, लेकिन वे एनडीए में सभी को स्वीकार्य हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है।”
महागठबंधन के सवालों पर पलटवार
महागठबंधन लगातार यह सवाल उठा रहा था कि एनडीए का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा। विपक्षी दलों ने अमित शाह के उस बयान को मुद्दा बनाया था जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद विधायक तय करेंगे कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। अब सम्राट चौधरी के बयान के बाद भाजपा ने साफ संकेत दे दिए हैं कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रहा है।
राजनीतिक संदेश स्पष्ट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह बयान महागठबंधन के दबाव में लिया गया एक रणनीतिक निर्णय है, ताकि मतदाताओं के बीच नेतृत्व को लेकर भ्रम की स्थिति खत्म की जा सके। इस ऐलान के साथ अब यह तय माना जा रहा है कि बिहार की सियासत में एनडीए का चेहरा एक बार फिर नीतीश कुमार ही रहेंगे।
