मनरेगा में जमकर धांधली, ब्लॉक स्तर के जिम्मेदारो ने दिया रोजगार सेवकों और ग्राम प्रधानों को मौन समर्थन
मनरेगा अधिनियम में ग्राम पंचायत स्तर पर किए जा रहे फर्जीवाड़ा और वित्तीय घोटाले को ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारी संरक्षण प्रदान किए हुए हैं। मनरेगा भ्रष्टाचार की काली कमाई पंचायत स्तर से जिला स्तर तक रेवडी की तरह बांटी जाती है, यही कारण कि जिला स्तरीय अधिकारी भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की बजाए फर्जीवाड़ा करने वाले घोटालेबाजों को बचाने के लिए एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। रोजगार सेवकों के स्थान पर ग्राम प्रधान उनकी जगह एनएमएमएस पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन का जमकर बंदरबांट करने में लगे हुए है।
मामला अमरिया विकासखंड की ग्राम पंचायत रौहतनिया का है, जहाँ मनरेगा के अंतर्गत जियालाल के खेत से उमाचरण के खेत तक नाला खुदान व सफाई कार्य कराया जा रहा है। जिसमें जारी चार मस्टररोल क्रमशः 4703, 4704, 4705 और 4706 है। जिसके अंतर्गत 4-11-2025 को चारो मस्टररोल में एक ही फोटो अपलोड़ किया गया है। वही मस्टररोल 4705 और 4706 में कुल चार महिलाओं की भी उपस्थित दर्ज की गई है। लेकिन अपलोड़ किये गये फोटो में एक भी महिला श्रमिक दिखाई नहीं दे रही है। फोटो में दिखे रहे श्रमिक भी नाबालिक बच्चे नजर आ रहे हैं। इसी तरह 5-11-2025 को भी चारो मास्टर रोल में एक ही श्रमिकों का फोटो अपलोड किया गया है, साथ ही उन्हें चार महिलाओं की उपस्थिति भी दर्ज की गई है। लेकिन अपलोड फोटो में कहीं भी कोई महिला दिखाई नहीं दे रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत रोहतानिया में तैनात रोजगार सेवक कुसुम कनौजिया का विवाह हो चुका है, और उनके स्थान पर ग्राम प्रधान आनंदपाल उनकी आईडी का उपयोग करके प्रतिदिन फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
इस संबंध में जब अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शुभम सक्सेना ने जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया की उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है, बह जानकारी लेकर बताएंगे। तत्पश्चात करीब एक घंटे बाद उनसे संपर्क किया गया तो फोन तो उनके द्वारा फोन नहीं रिसीव किया गया। जिससें साफ स्पष्ट होता है कि अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अमरिया ने रोजगार सेवकों को अपना मौन समर्थन दे रखा है।
राजकुमार वर्मा
अबतक न्याय पीलीभीत

