बिहार की जीत पर मुरादाबाद में जश्न: भाजपा कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाइयाँ, मंदिर परिसर में गूंजे नारे
बिलारी (जनपद मुरादाबाद)।
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड बढ़त और भाजपा की बड़े पैमाने पर हो रही जीत को लेकर पूरे देश में खुशी का माहौल है। इसी उत्साह की लहर शुक्रवार को मुरादाबाद जनपद के बिलारी नगर में भी दिखाई दी, जहाँ नगर के प्रसिद्ध मंदिर पौड़ा खेड़ा परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर जीत का जश्न मनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता, समर्थक और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर जीत की बधाइयाँ दीं और “भारत माता की जय” के नारे जमकर लगाए।
मंदिर परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम भाजपा की ओर से एक अप्रत्याशित नहीं, बल्कि योजनाबद्ध उत्सव के रूप में किया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने बिहार में मिल रहे चुनावी रुझानों को “देश की राजनीति में निर्णायक मोड़” बताते हुए पार्टी के लिए उत्साहजनक बताया। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने इस बार विकास, सुरक्षा, स्थिरता और सुशासन के मुद्दों पर वोट दिया है।
मतदाता अब ठगबंधन से ऊपर उठ चुका है: वक्ता
जश्न में शामिल वक्ताओं ने कहा कि भारत का मतदाता अब पहले की तरह भावनाओं या खोखले वादों में आकर वोट नहीं देता। उन्होंने कहा—
“आज का मतदाता समझदार है। वह जानता है कि वोट लेकर अपना उल्लू सीधा करने वालों की असलियत क्या है। जनता अब ‘ठगबंधन’ के झांसे में आने वाली नहीं है। लोग साफ तौर पर देश का विकास, स्थिर सरकार और सुरक्षित भविष्य चाहते हैं।”
भाजपा नेताओं ने कहा कि बिहार के लोगों ने यही परिपक्वता और जागरूकता दिखाते हुए एनडीए को प्रचंड बहुमत की दिशा में पहुंचा दिया है।
बिहार में एनडीए की बढ़त—विकास और धर्मनिरपेक्षता की जीत
सभा में वक्ताओं ने कहा कि बिहार में एनडीए की बढ़त केवल भाजपा या गठबंधन के लिए ही नहीं, बल्कि “देश की प्रगतिशील राजनीति और वास्तविक धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की जीत” है। उनका कहना था कि लोगों ने उन ताकतों को नकारा है जो केवल जाति और भ्रम फैलाने वाली राजनीति करती रही हैं।
एक वक्ता ने कहा—
“बिहार के मतदाताओं ने दिखा दिया है कि अब अफवाहों, झूठे वादों और नकारात्मक राजनीति का समय खत्म हो चुका है। जनता विकास चाहती है, स्थिरता चाहती है और एक भविष्य चाहती है जो सुरक्षित हो।”
एसआईआर अभियान और फर्जी वोट काटे जाने को बताया जीत का कारण
कार्यक्रम में कई नेताओं ने कहा कि बिहार चुनाव में इस बार जिस तरह से फर्जी वोटों की पहचान और उन्हें हटाने का अभियान (SIR) चलाया गया, उसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ा। वक्ताओं ने दावा किया कि लाखों फर्जी वोट हटने से मतदान में पारदर्शिता आई और वास्तविक मतदाताओं की राय स्पष्ट रूप से सामने आई।
कई कार्यकर्ताओं ने कहा—
“SIR अभियान की वजह से चुनाव में निष्पक्षता बढ़ी। जो वर्षों से फर्जी वोट बनाकर माहौल बिगाड़ते थे, उनका खेल इस बार पूरी तरह खत्म हो गया।”
नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की रैलियों का बड़ा प्रभाव
कई वक्ताओं ने कहा कि बिहार चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों ने जनता के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। दोनों नेताओं ने सुरक्षा, राष्ट्रवाद, विकास, गरीब कल्याण और सुशासन से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने सरल भाषा में रखा, जिसे मतदाताओं ने गंभीरता से सुना।
एक कार्यकर्ता ने कहा—
“बिहार में मोदी जी का प्रभाव तो हमेशा से रहा है। पर इस बार यूपी के सीएम योगी जी की सभाओं का भी गहरा असर पड़ा। लोगों ने दोनों नेताओं की अपील सुनी और अपने वोट का इस्तेमाल सही जगह किया।”
बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी प्रचंड बहुमत मिलने का विश्वास
सभा में मौजूद भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि बिहार का चुनाव परिणाम आने वाले विधानसभा चुनावों को भी प्रभावित करेगा। कई वक्ताओं ने दावा किया कि बिहार में बने माहौल का असर अब बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देगा।
उनके अनुसार—
“जिस तरह बिहार में जनता ने प्रचंड बहुमत का आशीर्वाद दिया है, ठीक इसी तरह बंगाल और यूपी में भी भाजपा की बड़ी जीत तय है। यह जनता के विश्वास और उम्मीदों की जीत है, जो आने वाले चुनावों में भी दोहराई जाएगी।”
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग
जश्न में कई स्थानीय भाजपा नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। मुख्य रूप से श्रीकांत गुप्ता, पंकज चौहान, उदयराज सिंह, विश्वास यादव, लवली, अमित चौधरी, आतिफ कमल, अवनीश सिंह, रचित माथुर, सभासद दानवीर शर्मा, निहाल सिंह राठौड़, मनोज ठाकुर, रामनिवास शर्मा, किशन लाल प्रजापति, बजरंग रतन प्रजापति आदि ने अपने विचार रखे और बिहार की जीत को ऐतिहासिक बताया।
कार्यक्रम के बाद सभी ने मिलकर लड्डू और अन्य मिठाइयाँ बांटीं और भाजपा के विजय गीतों के साथ उत्साह व्यक्त किया।

