अमोद कुमार बबेरू नगर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र श्री पहाड़ी महादेव मंदिर एक बार फिर दिव्यता और भक्ति की अनूठी अनुभूति कराने जा रहा है। पिछले वर्ष 21 नवम्बर 2024 को सम्पन्न हुई श्री रुद्र महाकाल की प्राण प्रतिष्ठा ने जिस आध्यात्मिक ऊर्जा को जन्म दिया था, उसकी प्रथम वर्षगांठ इस वर्ष और भी अधिक भव्यता और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। दो दिवसीय यह महोत्सव 20–21 नवम्बर को आयोजित होगा, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई गई है।
मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि इन दो दिनों में होने वाले अनुष्ठानों से न केवल धार्मिक वातावरण पवित्र होगा, बल्कि सभी उपस्थित जनों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और कल्याण का संचार होगा। कार्यक्रम की शुरुआत 20 नवम्बर को प्रातः कालीन रुद्राभिषेक से होगी, जिसके बाद रामायण पाठ, माता पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा तथा शाम को हनुमान चालीसा पाठ का सामूहिक व ऊर्जा से भरपूर आयोजन किया जाएगा। अगले दिन 21 नवम्बर को भक्तों के लिए महाप्रसाद एवं विशाल भंडारा रखा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।
ट्रस्ट ने इस अवसर पर बीते एक वर्ष की सेवाओं का भी उल्लेख किया।पहाड़ी महादेव मंदिर ट्रस्ट क्षेत्र में सिर्फ धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों तक सेवा पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। अन्नदान, स्वास्थ्य सेवाएँ, एम्बुलेंस सुविधा, प्राथमिक चिकित्सा सहायता, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सहायता, स्मार्ट क्लासरूम, टैबलेट व प्रोजेक्टर वितरण, गुरु सेवा, तथा रजत छत्र निर्माण व मुख्य द्वार सहित मंदिर विस्तार कार्यों को विशेष गति मिली।
ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि उनका प्रयास केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदना का वातावरण तैयार करना है। प्रत्येक सहयोग सीधा सेवा कार्यों में लगाया जाता है, जिससे पारदर्शिता और भक्तों का विश्वास वर्षों से बना हुआ है। दानकर्ताओं के लिए 80G टैक्स छूट की सुविधा, प्रमाण पत्र प्रदान करना, तथा नाम को मंदिर अभिलेखों व वेबसाइट पर प्रकाशित करने जैसी पारदर्शी व्यवस्थाएँ भी की गई हैं। किसी भी सेवा में योगदान देने के इच्छुक व्यक्ति अपना विवरण व्हाट्सएप नंबर 9575000770 पर भेज सकते हैं।मुख्य ट्रस्टी रामरानी ने समाज के हर वर्ग से इस सेवा अभियान में आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा, “एक दीपक, एक दान, एक संकल्प—इतना भी काफी है किसी जीवन में आशा का उजाला जगाने के लिए। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज की आत्मा को जोड़ने का महायज्ञ है।” लोगों से उन्होंने यह भी आग्रह किया कि इस संदेश को सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत आयोजन का हिस्सा बन सकें।मंदिर के पुजारी बाबूजी पाण्डेय ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह अवसर भक्तों के लिए आध्यात्मिक उत्थान, मन की शांति और ईश्वरीय कृपा प्राप्त करने का अद्भुत समय है। उन्होंने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने की अपील की।मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, प्रसाद वितरण, जल सेवा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था और पूर्ण स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ट्रस्ट ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए फोटो गैलरी, सेवाकार्यों की प्रदर्शनी तथा मंदिर के भावी निर्माण कार्यों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग अपने सहयोग के उपयोग को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें।
इस वर्षगांठ उत्सव को लेकर नगर में उत्साह का माहौल है, और स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व का है, बल्कि समाज में सेवा और एकजुटता की भावना को मजबूती प्रदान करता है।

