पीलीभीत/उत्तर प्रदेश
ब्यूरो चीफ – रमेश कुमार, पीलीभीत
गौहनिया चौराहे के पास अनियंत्रित अर्डिका कार तालाब में डूबने से हड़कंप, पुलिस और स्थानीय लोगों ने चालक को बचाया
पीलीभीत। शहर के कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार की देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब गौहनिया चौराहे के पास तेज रफ्तार से आ रही एक अर्डिका कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित तालाब में जा गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि कुछ ही क्षणों के लिए पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार तेज गति से आते ही सीधे तालाब में धंस गई, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
घटना के समय कार में अकेला चालक मौजूद था, जो नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था। अत्यधिक शराब पिए होने के कारण चालक कार से खुद निकल नहीं पा रहा था। कार तालाब में धीरे-धीरे डूबती जा रही थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए तालाब में उतरकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया।
इसी बीच किसी ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिस्थिति का आकलन कर ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पुलिस कर्मियों ने रस्सियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से कार का दरवाज़ा खोलने और चालक तक पहुँचने की कोशिश की। कुछ मिनटों की मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। चालक के बाहर आते ही लोगों ने राहत की सांस ली।
तालाब में गिरने से चालक को चोटें आई थीं और उसकी स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। पुलिस ने बिना देरी किए उसे सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार चालक पूरी तरह भीगा हुआ था और नशे के कारण बेहद अस्थिर स्थिति में पाया गया। चिकित्सकों ने आगे की जांच के लिए उसे निगरानी में रखा है।
घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में लोग इकठ्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर तेज गति से चलने वाले वाहन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क किनारे उचित बैरिकेडिंग लगाने और नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लग सके। तालाब के पास किसी भी सुरक्षा घेराबंदी या चेतावनी संकेत के न होने की वजह से इस तरह की दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है।
पुलिस ने कार को तालाब से निकलवाने के लिए क्रेन मंगवाई और देर शाम तक बचाव कार्य जारी रहा। कार को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने उसे थाने भेज दिया तथा घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चालक के खिलाफ नशे की हालत में वाहन चलाने और लापरवाही से दुर्घटना करने के तहत कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने जैसे जोखिम उठाकर न केवल खुद की बल्कि दूसरों की जान भी खतरे में डालना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय पर मदद न मिलती तो यह हादसा बड़ा रूप ले सकता था। पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता से चालक की जान बच गई, लेकिन यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी है।

