बस्ती समाचार
जिलाधिकारी कार्यालय में भारतीय किसान यूनियन भदोरिया ने सौंपा ज्ञापन, 8 दिसंबर तक समाधान न मिलने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
बस्ती ज़िले में आज भारतीय किसान यूनियन भदोरिया संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ अपनी कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई महीनों से किसान हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही है, साथ ही संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ कथित रूप से उत्पीड़न और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में संगठन ने आज ज़िलाधिकारी को विस्तृत मांग-पत्र सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की।
ज्ञापन देते समय संगठन के जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों तथा विभिन्न ग्राम इकाइयों के प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी समय पर सुनवाई नहीं कर रहे।
संगठन की ओर से प्रमुख रूप से जिन मुद्दों को उठाया गया, उनमें खेती से जुड़े विवाद, भूमि सुधार, सिंचाई की समस्याएँ, बिजली आपूर्ति की अनियमितता, ग्रामीण मार्गों के निर्माण में भ्रष्टाचार तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों की उपेक्षा जैसे आरोप शामिल थे। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ अधिकारियों द्वारा किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिनकी शिकायतें कई बार प्रशासन को दी जा चुकी हैं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
संगठन के जिला इकाई के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर भटकता रहता है, जबकि सरकारी स्तर पर केवल कागजी दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन सचमुच किसान हित के प्रति संवेदनशील है, तो उसे तत्काल कार्रवाई करके किसानों की समस्याओं का समाधान कराना चाहिए।
पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि उत्पीड़न बंद न होने और मांगों पर निर्णय न होने की स्थिति में किसान संगठन मजबूर होकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएगा।
ज्ञापन सौंपते हुए संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 8 दिसंबर तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन बस्ती में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा, लेकिन यदि किसानों के धैर्य की परीक्षा ली गई तो आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है।
संगठन के नेताओं ने कहा कि वे वर्षों से किसानों की आवाज़ उठाते आ रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे, क्योंकि किसान समाज की रीढ़ है और उसकी अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती।
जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन स्वीकार करते समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि किसान यूनियन भदोरिया के पदाधिकारियों ने कहा कि वे आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, वे पीछे नहीं हटेंगे।
आज ज्ञापन देने पहुंचे किसानों और पदाधिकारियों की बड़ी संख्या देखकर प्रशासन भी गंभीर दिखाई दिया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने कहा कि वे अपने हक़ के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

