डीएम सख्त, यातायात उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक
बांदा। जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जे. रीभा, आईएएस की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस प्रशासन तथा समिति के सदस्यों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने बैठक की शुरुआत में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के हालिया आँकड़ों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसलिए नियमों के कड़ाई से पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क हादसों में वृद्धि के पीछे मुख्य कारणों की समयबद्ध समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों तथा बिना सीट बेल्ट कार चलाने वालों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाने के लिए पुलिस और यातायात विभाग को स्पष्ट आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के पालन में सार्वजनिक अनुशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है, और प्रशासन का लक्ष्य दंड देना नहीं बल्कि दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
बैठक में डीएम ने बांदा–नरैनी–कालिंजर मार्ग पर हाल में हुई दुर्घटनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस मार्ग पर हो रही दुर्घटनाओं की डेथ ऑडिट रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित विभाग दुर्घटनास्थलों का निरीक्षण कर उन कारणों को चिन्हित करें जिनसे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है, और सुधारात्मक कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
साथ ही, उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को यातायात नियमों, सड़क संकेतों, सुरक्षित वाहन संचालन और सड़क पार करने के सही तरीके की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में एक जागरूक नागरिक समाज तैयार हो सके।
जिलाधिकारी ने शहर में बढ़ती ई-रिक्शा अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पालिका और परिवहन विभाग को ई-रिक्शा की अनिवार्य नंबरिंग व्यवस्था लागू करने को कहा। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख मार्गों पर बिना नंबर वाली ई-रिक्शाओं की वजह से जाम और दुर्घटना की संभावना बढ़ती है, इसलिए सभी ई-रिक्शाओं का पंजीकरण एवं नियमन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही शहर में वन-वे प्रणाली को प्रभावी बनाने, चौराहों पर बनने वाले जाम को समाप्त करने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठित कर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
तिंदवारी–फतेहपुर मार्ग पर झाड़ियों की सफाई और सड़क किनारे रिफ्लेक्टर लगाने के कार्य में हो रही देरी पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क किनारे दृश्यता बढ़ाने से दुर्घटना की संभावना कम होगी, इसलिए यह कार्य तत्काल पूरा किया जाए।
शहर के महाराणा प्रताप चौराहा पर वेल्डिंग जोन स्थापित करने और कालू कुआं चौराहा पर प्रतिदिन लगने वाले जाम को समाप्त करने के लिए आवश्यक उपाय करने पर भी डीएम ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि चौराहों पर मार्गों का वैज्ञानिक ढंग से सुधार, सिग्नल व्यवस्था और यातायात पुलिस की तैनाती जैसे कदमों से यातायात में सुगमता आएगी।
सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देश दिया कि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने वाले नागरिक को 25,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुँचाना जीवन बचाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए।
शहर में आवारा पशुओं की समस्या पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और नगर पालिका तथा पशु विभाग को निर्देश दिया कि सभी आवारा पशुओं को सड़कों से हटाकर निर्धारित गौशालाओं में सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क पर घूमते पशु न केवल यातायात बाधित करते हैं बल्कि दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण भी बनते हैं, इसलिए इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता से काम किया जाए।
पेट्रोल पंपों पर नो हेलमेट–नो पेट्रोल अभियान को कड़ाई से लागू करने के लिए भी डीएम ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों को नियमों का पालन कराने के लिए चेतावनी जारी करें, और पालन न करने पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में एडीएम नमामि गंगे और सचिव बांदा विकास प्राधिकरण मदन मोहन वर्मा, एएसपी शिवराज, आरटीओ श्यामलाल, टीआई संजय मिश्रा, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

