महापौर प्रमिला पाण्डेय ने घायल युवक को दिलाया मुफ्त इलाज, त्वरित कार्रवाई से गरीब परिवार को मिली बड़ी राहत
कानपुर—कानपुर की महापौर सुश्री प्रमिला पाण्डेय ने एक बार फिर अपने संवेदनशील और जनसेवी रवैये का परिचय देते हुए एक गरीब परिवार को बड़ी राहत प्रदान की। शुक्रवार को आयोजित उनके नियमित जनता दर्शन कार्यक्रम में ग्वालटोली निवासी एक महिला रोते हुए पहुँची और अपने बेटे के इलाज में आ रही आर्थिक कठिनाइयों के बारे में बताया।
महिला ने महापौर को जानकारी दी कि उसका पुत्र कृष्णा दिनांक 26 नवंबर 2025 को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजनों ने उसे तुरंत तिलक नगर स्थित कनिष्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहाँ अब तक लगभग 50,000 रुपये खर्च हो चुके थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण आगे का इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा था, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर होती जा रही थी।
गरीब माँ की पीड़ा सुनते ही महापौर प्रमिला पाण्डेय ने बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया। उन्होंने स्वयं मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लेने का न सिर्फ निश्चय किया, बल्कि कुछ ही समय बाद सीधे कनिष्क हॉस्पिटल पहुँच गईं। वहाँ उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बात कर मरीज की गंभीर स्थिति व परिवार की आर्थिक कठिनाई को विस्तार से रखा। संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इलाज में आर्थिक राहत प्रदान करने का आग्रह किया।
महापौर के हस्तक्षेप के बाद कनिष्क हॉस्पिटल प्रबंधन ने इलाज में 40,000 रुपये की विशेष छूट प्रदान की, जिससे परिवार पर तत्काल आर्थिक बोझ कम हो गया। छूट सुनिश्चित होने के बाद महापौर ने युवक कृष्णा को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर स्वयं हैलट अस्पताल (लाला लाजपत राय हॉस्पिटल) पहुँचाया।
हैलट पहुँचने पर महापौर प्रमिला पाण्डेय ने गणेश शंकर विद्यार्थी चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय काला से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की और मरीज के समुचित, गुणवत्तापूर्ण और पूरी तरह निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। प्राचार्य डॉ. काला ने महापौर को आश्वस्त किया कि कृष्णा को पूरी चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी और उसे सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि मरीज शीघ्र ही स्वस्थ होकर घर लौटेगा।
महापौर की इस मानव-केंद्रित पहल और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की पूरे शहर में सराहना की जा रही है। यह घटना एक बार फिर सिद्ध करती है कि महापौर प्रमिला पाण्डेय आम जनता की समस्याओं के प्रति कितनी संवेदनशील हैं और संकट की घड़ी में ज़रूरतमंदों की मदद के लिए स्वयं आगे आने में बिल्कुल नहीं हिचकिचातीं। उनकी यह पहल न केवल एक घायल युवक के जीवन को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।
कानपुर नगर निगम की ओर से महापौर ने यह संदेश भी दिया कि आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी परिवार को चिकित्सा संकट में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। नगर निगम प्रशासन जरूरतमंदों के साथ हर संभव सहयोग के लिए निरंतर तत्पर रहेगा

