यूपी पंचायत चुनाव: आयोग गठन का प्रस्ताव भेजा, परिसीमन की तिथि तय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायती राज विभाग ने राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का छह सदस्यीय प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद आयोग का गठन होगा। आयोग की जनसंख्या आधारित रिपोर्ट ही ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया को निर्धारित करेगी।
विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने को चुनावी तैयारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग के गठन के बाद जनसंख्या व सामाजिक डेटा का संकलन शुरू होगा और रिपोर्ट आने के बाद ही आरक्षण निर्धारण तथा चुनाव कार्यक्रम की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
इस बीच पंचायती राज विभाग ने परिसीमन प्रक्रिया की समयसारिणी जारी कर दी है। नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगर निगम के नए सृजन तथा सीमा विस्तार के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों की सीमाओं में परिवर्तन हुआ है, जिसके चलते पंचायत वार्डों में आंशिक परिसीमन आवश्यक हो गया है। शासन ने जिलों से प्राप्त प्रस्ताव पर स्वीकृति देते हुए 18 जुलाई से प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का निर्धारण 18 से 22 जुलाई तक होगा। इसके बाद ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों के वार्डों की प्रस्तावित सूची 23 से 28 जुलाई के बीच तैयार कर प्रकाशित की जाएगी। प्रस्तावित सूची पर आपत्तियां 29 जुलाई से 2 अगस्त तक आमंत्रित की जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण 3 से 5 अगस्त के बीच किया जाएगा। वार्डों की अंतिम सूची 6 से 10 अगस्त के बीच जारी की जाएगी।
आयोग गठन और परिसीमन, दोनों प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तारीखों की घोषणा संभव मानी जा रही है। प्रदेश सरकार चुनाव की दिशा में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है और आगामी महीनों में पंचायत चुनाव प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक गतिविधि बनने वाले हैं।

