मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला संबंधी पत्र भेजा
पामगढ़ जनपद उपाध्यक्ष ने दुर्ग सांसद विजय बघेल को दिया कोसला धाम आने का निमंत्रण
शिवरीनारायण। जांजगीर-चांपा एवं शक्ति जिले के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने क्षत्रिय कुर्मी समाज के कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पामगढ़ जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रूपचंद साहू ने सांसद से मुलाकात कर उन्हें माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला धाम के अवलोकन का निमंत्रण दिया।
रूपचंद साहू ने सांसद बघेल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा जांजगीर-चांपा कलेक्टर को भेजे गए पत्र की प्रति भी सौंपी, जिसमें कोसला धाम से संबंधित विषयों पर जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2025 में भिलाई में आयोजित एक समारोह में सांसद बघेल ने दुर्गा प्रसाद पारकर द्वारा संपादित ‘माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला’ पुस्तक का विमोचन किया था।
निमंत्रण स्वीकार करते हुए सांसद विजय बघेल ने कहा कि वह जनवरी माह में विशेष रूप से कोसला धाम का दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों के साथ समय बिताएंगे। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनकी चर्चा जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े से भी हुई है तथा प्रधानमंत्री को पत्र भेजा जा चुका है।
मुलाकात के दौरान पूर्व विधायक व पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णाकांत चंद्रा, घासीराम कश्यप, मनीष सिंगसर्वा, रामेश्वर कश्यप, महेंद्र कश्यप सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दर्पण ग्रंथ में शामिल होगा कोसला धाम का महात्म्य
छत्तीसगढ़ प्रदेश, जिसे प्राचीन काल में दक्षिण कोसल कहा जाता था, रामायण से जुड़े अनेक स्थलों का केंद्र माना जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में शासकीय लक्ष्मणेश्वर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खरौद द्वारा प्रकाशित किए जा रहे “दर्पण ग्रंथ” में माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला से जुड़े शोध व आलेख शामिल किए जा रहे हैं।
महाविद्यालय के प्राध्यापक अश्विनी केशरवानी ने कोसला धाम पर विस्तृत लेख लिखा है, जबकि शिवरीनारायण के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. शांति कुमार कैवर्त्य के शोध–आलेख “माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला का ऐतिहासिक सत्यांवेषण” को भी पुस्तक में प्रमुखता दी गई है।
प्रदेश में स्थित रामायणकालीन स्थल—कोसला, तुरतुरिया (लव-कुश जन्मस्थली), शिवरीनारायण (माता शबरी जन्मस्थली) और खरौद (लक्ष्मण तपोभूमि)—को भी ग्रंथ में तथ्यात्मक रूप से रेखांकित किया गया है।

