प्रयागराज। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिन्हें 18 वर्ष की आयु पूरी किए हुए 18 वर्ष या उससे अधिक हो चुके हैं, उन्हें गणना पत्रक नहीं भरना होगा, बल्कि फॉर्म-6 भरकर नाम जोड़ा जा सकेगा। यह फॉर्म बीएलओ अथवा बूथ स्तर पर उपलब्ध है, साथ ही ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है।
नाम, पता व जन्मतिथि संशोधन के लिए फॉर्म-8
यदि मतदाता अपने नाम, पता या जन्मतिथि में संशोधन कराना चाहते हैं तो इसके लिए फॉर्म-8 भरना आवश्यक है। वहीं, किसी मृतक व्यक्ति का नाम हटवाने या दो स्थानों पर नाम दर्ज होने की स्थिति में फॉर्म-7 भरकर नाम डिलीट कराया जा सकता है। अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे गणना पत्रक शीघ्र जमा करें, जिससे डिजिटाइजेशन समय पर पूरा हो सके।
जिले में 470 थर्ड जेंडर मतदाता
प्रयागराज जिले में कुल 46,92,860 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 25,42,506 पुरुष, 21,49,884 महिलाएं और 470 थर्ड जेंडर शामिल हैं। सभी 12 विधानसभा क्षेत्रों में 4731 बीएलओ तैनात किए गए हैं। साथ ही 484 सुपरवाइजर व 84 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
सवा दो लाख मतदाता दो जगह सूचीबद्ध
एसआईआर अभियान में यह तथ्य सामने आया कि दो लाख 30 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं—एक शहर में और दूसरा देहात की मतदाता सूची में। इसके अलावा लगभग 10 लाख 75 हजार लोग एएसडी (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) श्रेणी में पाए गए हैं।
96% गणना फार्म डिजिटाइज, एएसडी मतदाताओं का दोबारा सत्यापन
मंगलवार रात तक लगभग 96 प्रतिशत गणना फार्म डिजिटाइज हो चुके थे। शेष कार्य पूरा करने के लिए बुधवार और गुरुवार को विशेष अभियान चलाया गया। अब एएसडी श्रेणी के सभी मतदाताओं का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। इस कार्य के लिए विधानसभावार एडीएम, एसीएम और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को लगाया गया है।
राजनीतिक दलों की मौजूदगी में सत्यापन
बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों की उपस्थिति में सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई मतदाता गलतीवश एएसडी श्रेणी में शामिल हो गया है तो उसका नाम रोलबैक किया जाएगा।
डीएम बोले—विशेष अभियान जारी
जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि 96 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। शेष फार्म का कार्य बीएलओ और अन्य कर्मचारियों को सौंपा गया है। एएसडी मतदाताओं के पुनः सत्यापन के लिए दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

