पराविधिक स्वयंसेवकों हेतु संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न*
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वाधान में जनपद लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, एवं बाराबंकी के पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) हेतु एक दिवसीय संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आज दिनांक 15.12.2025 को विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह, महात्मा गांधी मार्ग, राज भवन कालानी, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ में सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मा. जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ श्री मलखान सिंह द्वारा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें मा. जनपद न्यायाधीश सहित उपस्थित सभी अधिकारियों ने सहभागिता की। दीप प्रज्वलन के पश्चात कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करते हुए मा. जनपद न्यायाधीश श्री मलखान सिंह ने पराविधिक स्वयंसेवकों की भूमिका, सामाजिक उत्तरदायित्व और न्याय तक सबकी पहुँच सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पराविधिक स्वयंसेवक समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं विधिक सहायता पहुँचाने की रीढ़ होते हैं, इसलिए उनका प्रशिक्षित, सक्षम और संवेदनशील होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ श्रीमती मीनाक्षी सोनकर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव लखीमपुर खीरी श्री वीरेन्द्र नाथ पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव रायबरेली श्री अनुपम शौर्य, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव सीतापुर श्री नरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव बाराबंकी श्री कृष्ण चन्द्र सिंह तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी श्री राज बहादुर, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), सौम्या पाण्डेय, ए0सी0पी0 (महिला अपराध), जिया कार्यक्रम अधिकारी मलिहाबाद, श्री सूरज मौर्या, प्रधान सहायक समाज कल्याण विभाग, श्री सुमित श्रीवास्तव जिला पंचायत विभाग, रवीन्द्र जादौन अध्यक्ष, सी0डब्लू0सी0 लखनऊ, डॉ0 राजेन्द कुमार सहायक प्रवक्ता, श्री विनय कुमार यादव सहायक प्रवक्ता बाबू बनारसी दास विधि विश्वविद्यालय लखनऊ, श्री राम कुमार सहायक श्रमायुक्त, श्रीमती अर्चना सिंह अधिक्षिका वन स्टॉप सेंटर, श्री उपेन्द्र प्रताप सिंह नामिका अधिवक्ता, श्री आशीष कुमार जैन डिप्टी चीफ, डिफेन्स काउन्सिल, लखनऊ की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अधिकारियों ने पराविधिक स्वयंसेवकों को अपने-अपने अनुभवों एवं कार्य क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विधिक सेवा योजनाओं, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न मिशनों, कमजोर एवं वंचित वर्गों के संरक्षण, सुलह एवं मध्यस्थता की प्रक्रिया, महिला एवं बाल संरक्षण संबंधी कानून, निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधान, अपराध पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, घरेलू हिंसा व लैंगिक अपराधों के मामलों में कार्यप्रणाली, तथा जनजागरूकता अभियानों के प्रभावी संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
सत्रों के दौरान पराविधिक स्वयंसेवकों को यह भी बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किस प्रकार लोगों को उनके अधिकारों से अवगत करा सकते हैं, पीड़ितों को आवश्यक सहायता दिला सकते हैं, तथा न्यायालय और समाज के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर सकते हैं। कार्यक्रम में संवादात्मक चर्चा, अनुभव साझा करने और समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 200 पराविधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। पांचों जिलों से आये पराविधिक स्वयं सेवकों में हर जिले के दों सर्वश्रेष्ठ पराविधिक स्वयं सेवकों को माननीय जनपद न्यायाधीश लखनऊ श्री मलखान सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया। प्रतिभागियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण उनके लिए अत्यंत लाभकारी रहा और इससे उनके ज्ञान, कार्य क्षमता एवं आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।
कार्यक्रम का समापन श्रीमती मीनाक्षी सोनकर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को भविष्य में विधिक जागरूकता, अधिकार संरक्षण एवं न्यायिक सहायता के क्षेत्र में और अधिक सक्रियता एवं दक्षता के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।
उक्त कार्यक्रम में अन्य विभागों से आये पदाधिकारियों ने अपने विभाग के संबंध में सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष कुमार जैन डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल लखनऊ द्वारा किया गया।
