धक्का देकर वारदात, तीन महिलाओं पर शक; दारागंज थाने में एफआईआर से मेला सुरक्षा पर सवाल
प्रयागराज। माघ मेले में संगम स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मध्य प्रदेश में तैनात एक सिविल जज के साथ भीड़ का फायदा उठाकर चेन काटने की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने सीधे तौर पर तीन महिलाओं पर शक जताया है, जिनके खिलाफ दारागंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पीड़िता दीक्षा तनेजा वर्तमान में भाण्डेर, जिला दतिया (मध्य प्रदेश) में वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश (सिविल जज) के पद पर तैनात हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 जनवरी को वह अपने सास- ससुर के साथ माघ मेले में संगम स्नान के लिए प्रयागराज आई थीं। उनके सास- ससुर कल्पवास कर रहे हैं और उसी क्रम में वह भी स्नान के लिए संगम जा रही थीं। दीक्षा तनेजा के अनुसार, संगम की ओर बढ़ते समय दो से तीन महिलाएं बार-बार उन्हें धक्का दे रही थीं। लगातार धक्कामुक्की से उन्हें शक हुआ और उन्होंने अपने गले की चेन टटोलकर देखी, जो उस समय मौजूद थी। इसके बावजूद संदिग्ध महिलाएं आसपास बनी रहीं और धक्का देती रहीं। कुछ ही देर बाद जब उन्होंने दोबारा जांच की तो सोने की चेन और लॉकेट गायब थे। सबसे गंभीर बात यह रही कि उनके गले पर हल्का कट का निशान भी महसूस हुआ, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि चेन सामान्य तरीके से नहीं टूटी बल्कि किसी धारदार वस्तु से काटकर चोरी की गई है। घटना के बाद जज ने तत्काल दारागंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। इस वारदात ने माघ मेले में श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगम जैसे अति-संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में पेशेवर अंदाज में चेन कटने की घटना ने पुलिस की निगरानी और भीड़ प्रबंधन पर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस अब संदिग्ध महिलाओं की तलाश और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ में जुटी है।
