किसान एवं आम नागरिकों के आर्थिक व सामाजिक विकास हेतु प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं प्रतियोगिताओं के संचालन के संबंध में
1. उद्देश्य
राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) का उद्देश्य किसानों एवं आम नागरिकों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा देना होगा। संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि किसान परिवारों के महिला, पुरुष, युवक-युवती एवं छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता हेतु आवश्यक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त हों।
2. प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम
संगठन किसानों एवं आम नागरिकों के लिए निम्नलिखित सहित समस्त प्रकार के व्यावसायिक, तकनीकी एवं पारंपरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगा या कराने में सहयोग प्रदान करेगा—
सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, फैशन डिज़ाइन
अचार, मुरब्बा, जैम, पापड़, नमकीन, खाद्य प्रसंस्करण
डेयरी, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन
जैविक खेती, प्राकृतिक खेती एवं कृषि प्रसंस्करण
कार पेंटिंग, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर
कंप्यूटर, डिजिटल साक्षरता, अकाउंटिंग
हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, पारंपरिक कला
ब्यूटी पार्लर, हेयर ड्रेसिंग
स्वरोजगार एवं लघु उद्योग से संबंधित अन्य सभी प्रशिक्षण
3. महिला, युवा एवं छात्र-छात्राओं पर विशेष ध्यान
संगठन महिलाओं, युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें, रोजगार प्राप्त कर सकें एवं समाज में सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
4. प्रशिक्षण प्रतियोगिताएँ एवं प्रोत्साहन
संगठन प्रशिक्षण से जुड़े कौशल को प्रोत्साहित करने हेतु प्रतियोगिताएँ, प्रदर्शनी, कार्यशालाएँ, मेले एवं पुरस्कार योजनाएँ आयोजित करेगा, जिससे प्रतिभागियों का मनोबल बढ़े और उन्हें बाजार से जोड़ने में सहायता मिले।
5. केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का संचालन एवं लाभ
संगठन केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त कौशल विकास, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, युवा प्रशिक्षण, रोजगार एवं सामाजिक विकास से संबंधित योजनाओं को लागू कराने, प्रचार-प्रसार करने एवं पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने हेतु सक्रिय भूमिका निभाएगा।
6. प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना
संगठन आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण केंद्र, कौशल विकास केंद्र, महिला प्रशिक्षण केंद्र, युवा प्रशिक्षण केंद्र एवं ग्रामीण विकास केंद्र स्थापित करेगा या स्थापित कराने में सहयोग करेगा।
7. अनुदान, सहयोग एवं संसाधन
इन कार्यक्रमों के संचालन हेतु संगठन को केंद्र सरकार, राज्य सरकार, विभिन्न विभागों, संस्थानों, बैंकों, दानदाताओं एवं सामाजिक संगठनों से अनुदान, सहायता, उपकरण, भवन, भूमि एवं अन्य संसाधन प्राप्त करने का अधिकार होगा।
8. रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना
प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात संगठन प्रतिभागियों को रोजगार, स्वरोजगार, समूह आधारित उद्यम, सहकारी गतिविधियों एवं बाजार से जोड़ने का प्रयास करेगा।
9. दीर्घकालिक लक्ष्य
इस अध्याय का दीर्घकालिक लक्ष्य किसानों एवं आम नागरिकों को कुशल, आत्मनिर्भर, रोजगारयुक्त एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उनके सामाजिक स्तर एवं जीवन-स्तर में स्थायी सुधार लाना होगा।

