सेवा में,
माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय,
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया,
नई दिल्ली – 110001
विषय: सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की निंदनीय घटना के संबंध में दोषी राकेश शर्मा के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने हेतु प्रार्थना पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं राजेश कुमार सिद्धार्थ, राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के माध्यम से आपका ध्यान हाल ही में घटित उस अत्यंत अपमानजनक घटना की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ जिसमें एक व्यक्ति राकेश शर्मा ने आपके ऊपर जूता फेंकने का कृत्य किया।
यह घटना न केवल आपकी माननीय गरिमा का अपमान है, बल्कि यह संविधान, न्यायपालिका, और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा स्थापित न्यायिक परंपराओं का भी असहनीय उल्लंघन है। इस कृत्य से देश के दलित समाज सहित संपूर्ण न्यायप्रिय जनता की भावनाएँ आहत हुई हैं।
महोदय, मेरी प्रार्थनाएँ निम्नलिखित हैं —
1. इस जघन्य कृत्य के दोषी राकेश शर्मा के विरुद्ध तत्काल दलित उत्पीड़न अधिनियम (SC/ST Act), मानहानि अधिनियम, तथा भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
2. न्यायपालिका और उसके पदाधिकारियों की गरिमा की रक्षा हेतु ऐसे अपराधों के विरुद्ध सख्त नजीर स्थापित की जाए।
3. केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देशित किया जाए कि वे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से निपटने हेतु सुरक्षा एवं सम्मान की ठोस व्यवस्था करें।
हमारा संगठन इस घटना की कटु निंदा करता है और संविधान व न्यायपालिका की मर्यादा की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा। यदि दोषी के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो देशभर में “दलित बचाओ – संविधान बचाओ – जज बचाओ” अभियान चलाया जाएगा, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
आपसे निवेदन है कि न्यायपालिका की गरिमा और दलित समाज की न्यायिक आस्था की रक्षा हेतु इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक आदेश पारित करने की कृपा करें।
भवदीय,
(हस्ताक्षर)
राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो.: 945425236
दिनांक:07 /10/2025

