सिधौली (सीतापुर)। बहुजन नायक एवं युगपुरुष मान्यवर कांशीराम की जयंती की पूर्व संध्या पर 14 मार्च 2026 को सिधौली क्षेत्र में एक विशाल एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे डॉ. अम्बेडकर पार्क, बहादुरपुर (सिधौली) में आयोजित होगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज कर दी गई हैं और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक जयंती कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि सामाजिक चेतना, बहुजन एकता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का एक बड़ा मंच बनेगा। कार्यक्रम “जय भीम, जय भारत, जय संविधान, जय लोकतंत्र” के उद्घोष के साथ आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब भारतीय सामाजिक और राजनीतिक इतिहास के उन महान व्यक्तित्वों में से एक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दलित, शोषित, वंचित और बहुजन समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज के उन वर्गों को संगठित किया, जिन्हें लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला था। अपने अद्भुत संगठन कौशल, दूरदर्शी नेतृत्व और मजबूत संकल्प के बल पर उन्होंने बहुजन आंदोलन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और समाज में आत्मसम्मान की भावना को मजबूत किया।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि कांशीराम साहब का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद समाज में व्यापक जनजागरण का कार्य किया। उन्होंने बहुजन समाज को आत्मसम्मान का पाठ पढ़ाया और यह विश्वास दिलाया कि संगठित समाज किसी भी अन्याय का मुकाबला कर सकता है।
उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब ने बहुजन समाज को यह समझाया कि अधिकार केवल मांगने से नहीं मिलते, बल्कि जागरूकता, शिक्षा और संगठन के माध्यम से प्राप्त होते हैं। उन्होंने समाज को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और सामाजिक न्याय की अवधारणा को जनआंदोलन का रूप दिया।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि मान्यवर कांशीराम साहब ने सामाजिक जागरण के लिए लेखन और प्रकाशन को भी एक प्रभावी माध्यम बनाया। उन्होंने वैचारिक मंच तैयार किए, जिनके माध्यम से बहुजन समाज अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सका। उस समय जब बहुजन समाज की आवाज मुख्यधारा में बहुत सीमित थी, तब ऐसे प्रयासों ने समाज को नई दिशा दी और विचारों की एक नई क्रांति को जन्म दिया।
उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब ने केवल सामाजिक जागरण तक अपने प्रयास सीमित नहीं रखे, बल्कि संगठनात्मक ढांचे का निर्माण कर बहुजन समाज को मजबूत किया। उन्होंने विभिन्न संगठनों के माध्यम से समाज को संगठित किया और सामाजिक चेतना को राजनीतिक भागीदारी में परिवर्तित करने का कार्य किया। उनके प्रयासों का ही परिणाम था कि बहुजन समाज ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि कांशीराम साहब का सबसे बड़ा योगदान यह रहा कि उन्होंने समाज में आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने बहुजन समाज को यह समझाया कि वह केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि विचार और शक्ति में भी सक्षम है। उन्होंने समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में कांशीराम साहब के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। जब समाज विभिन्न प्रकार की असमानताओं और चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब उनके विचार सामाजिक एकता, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने हमेशा संविधान को सर्वोपरि माना और समाज को संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि 14 मार्च को आयोजित होने वाला कार्यक्रम सामाजिक चेतना का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। इसमें वक्ता मान्यवर कांशीराम साहब के जीवन, संघर्ष और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। साथ ही उनके विचारों को वर्तमान समय के संदर्भ में समझने और समाज में लागू करने पर भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल महापुरुष को श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारने का संकल्प लेना भी है। जब समाज महापुरुषों के विचारों को अपने जीवन में उतारता है, तभी जयंती समारोह वास्तव में सार्थक होते हैं।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने आगे बताया कि कार्यक्रम के उपरांत मान्यवर कांशीराम साहब को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार को भेजा जाएगा। इस ज्ञापन में उनके ऐतिहासिक योगदान, सामाजिक परिवर्तन में उनकी भूमिका और बहुजन समाज को मुख्यधारा में लाने के उनके प्रयासों का उल्लेख किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब ने न केवल बहुजन समाज को संगठित किया, बल्कि भारतीय लोकतंत्र को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सामाजिक न्याय की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाया और लोकतांत्रिक व्यवस्था में समान भागीदारी की सोच को मजबूत किया। ऐसे महान व्यक्तित्व को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना पूरे देश के लिए गौरव की बात होगी।
उन्होंने कहा कि भारत रत्न केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक होता है। कांशीराम साहब जैसे महानायक, जिन्होंने अपना जीवन समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया, निश्चित रूप से इस सर्वोच्च सम्मान के पात्र हैं।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि यह मांग किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि करोड़ों बहुजन समाज की भावनाओं से जुड़ी हुई है। देश के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि कांशीराम साहब के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित मान्यता दी जाए।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील करते हुए कहा कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें और अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और स्थानीय कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। आयोजकों का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में भाग लेकर मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों और उनके मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
उन्होंने अंत में कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब का जीवन और विचार सदैव समाज को प्रेरित करते रहेंगे। ऐसे महापुरुष युगों में जन्म लेते हैं और समाज को नई दिशा देते हैं। उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा।
कार्यक्रम आयोजक:
राजेश कुमार सिद्धार्थ
(संपादक – बहुजन संगठक समाचार पत्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष – डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ)
संपर्क सूत्र: 79050 26393

