ज्ञापन/मांग पत्र
माननीय राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा श्रीमान
जिला अधिकारी, लखनऊ
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
विषय: सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना पर त्वरित कार्रवाई हेतु राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं राजेश कुमार सिद्धार्थ, राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान एक अत्यंत गंभीर और निंदनीय घटना की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
हाल ही में एक व्यक्ति राकेश शर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने का कृत्य किया गया है। यह कृत्य न केवल न्यायपालिका के माननीय पदाधिकारियों का अपमान है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और दलित समाज के सम्मान पर हमला है। इस प्रकार का कृत्य दलित समाज की न्यायिक आस्था को गहराई से आहत करता है।
अतः मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि यह ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय के संज्ञान में लाया जाए और निम्नलिखित कार्यवाही की जाए —
1. दोषी राकेश शर्मा के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 और भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
2. इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति महोदय के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकारों को निर्देशित किया जाए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
3. न्यायपालिका और दलित समाज की गरिमा की रक्षा के लिए सार्वजनिक रूप से स्पष्ट संदेश दिया जाए।
हम, डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ, इस घटना की गहन निंदा करते हैं और संविधान व न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा हेतु हर संभव प्रयास करेंगे। यदि दोषी के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो हम पूरे प्रदेश एवं देश में “दलित बचाओ – संविधान बचाओ – जज बचाओ” अभियान चलाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस ज्ञापन को राष्ट्रपति महोदय के संज्ञान में लाकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का कष्ट करें।
भवदीय,
(हस्ताक्षर)
राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो.नं.9454325236
दिनांक:07/10/2025

