ज्ञानेंद्र चौधरी ब्यूरो चीफ सीतापुर
सिधौली से बड़ी खबर
: सिधौली की बड़ी नहर पर अवैध अतिक्रमण जारी — नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन!
सबहेडलाइन: शारदा विश्वा रोड, हुसैनगंज पुल नहर पटरी पर तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें; नोटिस के दो हफ्ते बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, लोगों में उठे सवाल
मुख्य रिपोर्ट:सिधौली ब्राइट फ्यूचर के पास हुसैनगंज पुल पर अवैध तीन दुकानें अवैध कब्जे में है। यहां तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें बनी हुई थीं। नहर विभाग के जिलेदार और उनके सहयोगियों ने करीब दो हफ्ते पहले सभी दुकानदारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें स्पष्ट लिखा गया था कि तीन दिन के अंदर अतिक्रमण हटाया जाए, अन्यथा प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और उसकी जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी।
लेकिन चेतावनी और नोटिस के बावजूद कुछ दुकानदारों ने अब तक अपनी दुकानें नहीं हटाईं। कुछ ने तो खुद ही हटाकर जगह खाली कर दी, पर कई अब भी नहर की सरकारी भूमि पर कब्जा किए बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिलेदार और पेट्रोलिंग अधिकारी चुप हैं। अब जनता में सवाल उठ रहे हैं — क्या यह चुप्पी पैसे की खनक में है, या फिर बुलडोज़र की कमी है?
जनता की आवाज़:
“नहर विभाग ने नोटिस तो दिया, पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या कुछ लोगों को संरक्षण मिल रहा है?” — स्थानीय दुकानदार
“सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होगा तो जनता में भरोसा कैसे बनेगा?” — राहगीर
लोगों की मांग:
सिधौली के नागरिकों ने मांग की है कि शासन ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे जो केवल नोटिस देकर चुप बैठ गए हैं। नहर पटरी सरकारी संपत्ति है और अतिक्रमण हटवाना विभाग की जिम्मेदारी है।
“सिधौली: नहर पटरी पर अवैध दुकानें, नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन — जनता पूछती, क्या बुलडोज़र अब सो गया?”
या
“सिधौली की बड़ी नहर पर कब्जा बरकरार — नोटिस के बावजूद कार्रवाई नहीं, लोग बोले ‘पैसे की खनक में मौन हैं अधिकारी!’”
शीर्षक: सिधौली की बड़ी नहर पर अवैध अतिक्रमण जारी — नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन!
सबहेडलाइन: शारदा विश्वा रोड, हुसैनगंज पुल नहर पटरी पर तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें; नोटिस के दो हफ्ते बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, लोगों में उठे सवाल
मुख्य रिपोर्ट:सिधौली ब्राइट फ्यूचर के पास हुसैनगंज पुल पर अवैध तीन दुकानें अवैध कब्जे में है। यहां तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें बनी हुई थीं। नहर विभाग के जिलेदार और उनके सहयोगियों ने करीब दो हफ्ते पहले सभी दुकानदारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें स्पष्ट लिखा गया था कि तीन दिन के अंदर अतिक्रमण हटाया जाए, अन्यथा प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और उसकी जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी।
लेकिन चेतावनी और नोटिस के बावजूद कुछ दुकानदारों ने अब तक अपनी दुकानें नहीं हटाईं। कुछ ने तो खुद ही हटाकर जगह खाली कर दी, पर कई अब भी नहर की सरकारी भूमि पर कब्जा किए बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिलेदार और पेट्रोलिंग अधिकारी चुप हैं। अब जनता में सवाल उठ रहे हैं — क्या यह चुप्पी पैसे की खनक में है, या फिर बुलडोज़र की कमी है?
जनता की आवाज़:
“नहर विभाग ने नोटिस तो दिया, पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या कुछ लोगों को संरक्षण मिल रहा है?” — स्थानीय दुकानदार
“सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होगा तो जनता में भरोसा कैसे बनेगा?” — राहगीर
लोगों की मांग:
सिधौली के नागरिकों ने मांग की है कि शासन ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे जो केवल नोटिस देकर चुप बैठ गए हैं। नहर पटरी सरकारी संपत्ति है और अतिक्रमण हटवाना विभाग की जिम्मेदारी है।
> “सिधौली: नहर पटरी पर अवैध दुकानें, नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन — जनता पूछती, क्या बुलडोज़र अब सो गया?”
या
“सिधौली की बड़ी नहर पर कब्जा बरकरार — नोटिस के बावजूद कार्रवाई नहीं, लोग बोले ‘पैसे की खनक में मौन हैं अधिकारी!’”शीर्षक: सिधौली की बड़ी नहर पर अवैध अतिक्रमण जारी — नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन!
सबहेडलाइन: शारदा विश्वा रोड, हुसैनगंज पुल नहर पटरी पर तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें; नोटिस के दो हफ्ते बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, लोगों में उठे सवाल
मुख्य रिपोर्ट:सिधौली ब्राइट फ्यूचर के पास हुसैनगंज पुल पर अवैध तीन दुकानें अवैध कब्जे में है। यहां तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें बनी हुई थीं। नहर विभाग के जिलेदार और उनके सहयोगियों ने करीब दो हफ्ते पहले सभी दुकानदारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें स्पष्ट लिखा गया था कि तीन दिन के अंदर अतिक्रमण हटाया जाए, अन्यथा प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और उसकी जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी।
लेकिन चेतावनी और नोटिस के बावजूद कुछ दुकानदारों ने अब तक अपनी दुकानें नहीं हटाईं। कुछ ने तो खुद ही हटाकर जगह खाली कर दी, पर कई अब भी नहर की सरकारी भूमि पर कब्जा किए बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिलेदार और पेट्रोलिंग अधिकारी चुप हैं। अब जनता में सवाल उठ रहे हैं — क्या यह चुप्पी पैसे की खनक में है, या फिर बुलडोज़र की कमी है?
जनता की आवाज़:
नहर विभाग ने नोटिस तो दिया, पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या कुछ लोगों को संरक्षण मिल रहा है?” — स्थानीय दुकानदार
“सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होगा तो जनता में भरोसा कैसे बनेगा?” — राहगीर
लोगों की मांग:
सिधौली के नागरिकों ने मांग की है कि शासन ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे जो केवल नोटिस देकर चुप बैठ गए हैं। नहर पटरी सरकारी संपत्ति है और अतिक्रमण हटवाना विभाग की जिम्मेदारी है।
“सिधौली: नहर पटरी पर अवैध दुकानें, नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन — जनता पूछती, क्या बुलडोज़र अब सो गया?”
या
“सिधौली की बड़ी नहर पर कब्जा बरकरार — नोटिस के बावजूद कार्रवाई नहीं, लोग बोले ‘पैसे की खनक में मौन हैं अधिकारी!’”
शीर्षक: सिधौली की बड़ी नहर पर अवैध अतिक्रमण जारी — नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन!
सबहेडलाइन: शारदा विश्वा रोड, हुसैनगंज पुल नहर पटरी पर तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें; नोटिस के दो हफ्ते बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, लोगों में उठे सवाल
मुख्य रिपोर्ट:सिधौली ब्राइट फ्यूचर के पास हुसैनगंज पुल पर अवैध तीन दुकानें अवैध कब्जे में है। यहां तीन पक्की और कई अस्थायी दुकानें बनी हुई थीं। नहर विभाग के जिलेदार और उनके सहयोगियों ने करीब दो हफ्ते पहले सभी दुकानदारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें स्पष्ट लिखा गया था कि तीन दिन के अंदर अतिक्रमण हटाया जाए, अन्यथा प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और उसकी जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी।
लेकिन चेतावनी और नोटिस के बावजूद कुछ दुकानदारों ने अब तक अपनी दुकानें नहीं हटाईं। कुछ ने तो खुद ही हटाकर जगह खाली कर दी, पर कई अब भी नहर की सरकारी भूमि पर कब्जा किए बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिलेदार और पेट्रोलिंग अधिकारी चुप हैं। अब जनता में सवाल उठ रहे हैं — क्या यह चुप्पी पैसे की खनक में है, या फिर बुलडोज़र की कमी है?
जनता की आवाज़:
“नहर विभाग ने नोटिस तो दिया, पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या कुछ लोगों को संरक्षण मिल रहा है?” — स्थानीय दुकानदार
“सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होगा तो जनता में भरोसा कैसे बनेगा?” — राहगीर
लोगों की मांग:
सिधौली के नागरिकों ने मांग की है कि शासन ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे जो केवल नोटिस देकर चुप बैठ गए हैं। नहर पटरी सरकारी संपत्ति है और अतिक्रमण हटवाना विभाग की जिम्मेदारी है।
“सिधौली: नहर पटरी पर अवैध दुकानें, नोटिस के बाद भी अधिकारी मौन — जनता पूछती, क्या बुलडोज़र अब सो गया?”
या
“सिधौली की बड़ी नहर पर कब्जा बरकरार — नोटिस के बावजूद कार्रवाई नहीं, लोग बोले ‘पैसे की खनक में मौन हैं अधिकारी!’”
