बाँदा।शिक्षा केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के प्रथम संस्कारों की भूमि भी होती है। जब वही शिक्षा मासूम मुस्कानों और रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ अभिव्यक्त होती है, तो वह एक उत्सव का रूप ले लेती है। इसी भावभूमि में Kidzee Pre‑School Indira Nagar में वार्षिकोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारम्भ सदर विधायक Prakash Dwivedi द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। दीप की लौ के साथ ही नन्हे विद्यार्थियों की प्रतिभा ने मंच पर उजाला बिखेरना शुरू कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद बच्चों ने स्वागत गीत और अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित अभिभावकों व अतिथियों का मन मोह लिया। “जुबी-जुबी”, “दिल है छोटा सा”, “रुकना ना तू बंदिया”, “स्कूल चले हम” और “सपने रे सपने” जैसे गीतों पर बच्चों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने वातावरण को उल्लास से भर दिया। विशेष रूप से हनुमान चालीसा की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भाव भी जोड़ दिया वार्षिकोत्सव के अंतर्गत एक विराट कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें Deen Dayal Soni, Anil Dwivedi और Dr. Chandrika Prasad Dixit ने अपनी काव्य रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यालय के प्रबंधक सौरभ चन्द्र गुप्ता तथा प्रधानाचार्य शालिनी गुप्ता ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा वह आधार है, जिस पर आने वाले जीवन की समूची इमारत खड़ी होती है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और संस्कारों का विकास होता है।कार्यक्रम में नगर की कई विशिष्ट हस्तियाँ भी उपस्थित रहीं। नगर पालिका अध्यक्ष Malti Basu, अंकित बासू, रजत सेठ, पद्मश्री से सम्मानित Uma Shankar Pandey तथा सीए विजय गुप्ता सहित अन्य अतिथियों ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।नन्हे बच्चों की प्रतिभा, अभिभावकों का उत्साह और अतिथियों का स्नेह—इन तीनों के संगम ने इस वार्षिकोत्सव को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और आनंद का सुंदर उत्सव बना दिया।
