राजेश कुमार सिद्धार्थ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. अम्बेडकर संवैधानिक महासंघ) ने कहा कि B. R. Ambedkar द्वारा निर्मित संविधान देश के शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों को समान अधिकार और न्याय दिलाने का मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने बाबा साहेब के ऐतिहासिक संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बहुजन समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक, शिक्षित और संगठित रहना होगा, तभी सामाजिक न्याय और समानता का सपना साकार हो सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि संविधान में निहित अधिकारों और कर्तव्यों को समझकर ही समाज में व्याप्त अन्याय, भेदभाव और शोषण के खिलाफ प्रभावी संघर्ष किया जा सकता है। इसलिए बहुजन समाज के युवाओं को शिक्षा, संगठन और संघर्ष की राह पर चलते हुए सामाजिक परिवर्तन के मिशन को आगे बढ़ाना चाहिए।

