उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एक बड़ी सफलता की कहानी लिख रहा है। मिशन के तहत अब तक 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर 6 लाख से ज्यादा को रोजगार से जोड़ना सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधीन संचालित इस मिशन का उद्देश्य खासतौर पर 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है। इसी दिशा में कई योजनाएं जैसे स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड (SSDF), प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) प्रभावी रूप से चलाई जा रही हैं।
मिशन के अंतर्गत विश्व बैंक पोषित संकल्प परियोजना ने भी प्रदेश के स्किल सिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इस योजना के तहत महिलाओं, दिव्यांगजनों और अनुसूचित वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी गई। शिक्षा और कौशल को एक साथ जोड़ने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 315 राजकीय विद्यालयों में 26 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 3,450 छात्राओं को भी निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए मिशन ने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) पोर्टल भी विकसित किया है, जिससे युवा कहीं भी, कभी भी डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ी है। साथ ही, कानपुर स्थित जे.के. इंस्टीट्यूट फॉर टेक्नीशियन ट्रेनिंग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया गया है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पिंक बस सेवा हेतु महिला चालकों का विशेष प्रशिक्षण भी कराया गया, जिसमें अब तक 15 महिलाएं प्रशिक्षित हो चुकी हैं।
रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी मिशन ने उल्लेखनीय काम किया है। पिछले 9 वर्षों में 186 वृहद रोजगार मेलों के जरिए 4.32 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। वहीं 2023-24 में आयोजित 1624 रोजगार मेलों में 2.26 लाख युवाओं को नौकरी मिली। चालू वित्तीय वर्ष में विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित मेलों में 20,997 युवाओं को सेवायोजित किया गया। स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन न केवल युवाओं को हुनरमंद बना रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार के नए अवसर देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।
