पीलीभीत जनपद में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक और जनजागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन गांधी सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास ने की, जबकि शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बड़ी उपलब्धि साझा की गई—जनपद की 24 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2025 में "टीबी मुक्त ग्राम पंचायत" के रूप में चिन्हित किया गया। इन पंचायतों के ग्राम प्रधानों को महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा एवं टीबी मुक्त पंचायत प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि इस अवसर पर 5 टीबी चैंपियनों—जो इस बीमारी को मात देकर स्वस्थ हुए—को सम्मानित किया गया। साथ ही 10 क्षय रोगियों को "निक्षय मित्र" योजना के तहत पोषण पोटली वितरित कर उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की गई।
कार्यक्रम की खास झलक यह रही कि शाम 4 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक द्वारा "100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान", "टीबी मुक्त भारत ऐप" और "टीबी मुक्त अर्बन वार्ड पहल" का वर्चुअल शुभारंभ किया गया।
इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एमएमयू वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गांव-गांव जाकर टीबी उन्मूलन अभियान को गति देगी।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों, टीबी चैंपियनों, क्षय रोगियों, जिला पंचायतराज विभाग के प्रतिनिधियों, उप जिला क्षय रोग अधिकारी एवं एनटीईपी (राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम) के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। अब संदेश साफ है टीबी के खिलाफ जंग अब अंतिम चरण में है—जनभागीदारी, जागरूकता और निरंतर प्रयासों से पीलीभीत टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
राजकुमार वर्मा
अबतक न्याय पीलीभीत
