सिधौली (सीतापुर) क्षेत्र के ग्राम हरदोइया में भारत के महान विधिवेत्ता, समाज सुधारक एवं संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मास्टर गुरुदीन गौतम ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि बाबा साहब अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब हम बाबा साहब के विचारों को अपने व्यवहार में उतारें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को प्राथमिकता दें और संविधान के प्रति जागरूक रहें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित हेमनाथ गौतम एडवोकेट ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन अधिकारों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए हमें सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना होगा।
रामपाल भार्गव एडवोकेट ने अपने संबोधन में कहा कि आज भी समाज में कई प्रकार की असमानताएं मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने के लिए हमें एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि संविधान केवल अधिकारों का दस्तावेज नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी मार्गदर्शक है।
रामबकाश रावत एडवोकेट ने बाबा साहब के न्यायिक योगदान को याद करते हुए कहा कि आज देश में जो भी कानूनी अधिकार हमें प्राप्त हैं, वे उनके दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान का अध्ययन करें और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।
ब्लॉक प्रमुख सिधौली मनीराम गौतम ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए ताकि नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों के विचारों से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजेश कुमार सिद्धार्थ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ एवं प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस) ने अपने ओजस्वी संबोधन में गौतम बुद्ध एवं बाबा साहब अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि दोनों महापुरुषों ने मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि हमें उनके सपनों को साकार करना है तो भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करना अनिवार्य है।
उन्होंने आगे कहा कि केवल अधिकारों की मांग करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर सामाजिक न्याय और समरसता के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने आगामी 29 अप्रैल 2026 को मास्टरबाग में आयोजित होने वाली विशाल संविधान स्वाभिमान यात्रा की घोषणा करते हुए बताया कि यह यात्रा सिधौली, भांडिया आदि क्षेत्रों से होकर निकलेगी और मास्टरबाग में एक विशाल जनसभा में परिवर्तित होगी। उन्होंने बताया कि उसी दिन शाम 6:00 बजे 25,000 मोमबत्तियां जलाकर “प्रकाश महोत्सव” के रूप में बाबा साहब अंबेडकर का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
ग्राम प्रधान बुद्ध प्रकाश ने अपने स्वागत संबोधन में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि उनके गांव में इस प्रकार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग बुद्ध विहार में आकर बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का जो कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा साहब अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और उनके द्वारा किए गए महान कार्यों को याद किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बाबा साहब के सपनों को साकार करने के लिए हमें शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर चलना होगा।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहब अंबेडकर एवं गौतम बुद्ध के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान “जय भीम”, “जय संविधान” और “जय भारत” के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया तथा यह विश्वास जताया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर होते रहेंगे, जिससे समाज में जागरूकता, एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता रहेगा।

