बाँदा, 08 मई 2026 — जनपद में पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पोषण समिति की बैठक में जिलाधिकारी अमित आसेरी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय से पोषाहार उपलब्ध कराया जाए तथा चिन्हित अतिकुपोषित बच्चों को तत्काल उपचार के लिए एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया जाए बीएचएनडी दिवस की समीक्षा करते हुए डीएम ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और बच्चों के टीकाकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी बच्चों के एमसीपी कार्ड शत-प्रतिशत बनाए जाएं, ताकि टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व्यवस्थित रूप से दर्ज हो सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन और लंबाई मापन की गुणवत्ता पर भी जिलाधिकारी ने चिंता जताई। उन्होंने सीडीपीओ को निर्देश दिए कि जहां यह कार्य सही तरीके से नहीं हो रहा है, वहां की कार्यकत्रियों को चिन्हित कर पुनः प्रशिक्षण दिलाया जाए।बैठक में 03 से 05 वर्ष तक के सभी बच्चों की अपार आईडी शत-प्रतिशत बनाने, पोषण ट्रैकर ऐप पर घर-घर भ्रमण सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना और कन्या सुमंगला योजना में प्रगति लाने के निर्देश भी दिए गए। विशेष रूप से प्रथम बालिका जन्म और दो बालिकाओं वाले परिवारों को योजना से लाभान्वित कराने पर जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पाइप पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, पोषण वाटिका विकसित करने और कायाकल्प योजना के लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय, पीडी डीआरडीए, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
