महमूदाबाद, सीतापुर।
भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और अवसरों को जोड़ने वाला सशक्त सेतु है। किसी भी भाषा की गहरी समझ व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उसके भविष्य के लिए भी नए द्वार खोलती है। इसी उद्देश्य को लेकर सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन के शास्त्री सभागार में जूनियर वर्ग के विद्यार्थियों हेतु भव्य “अनुवाद महोत्सव” का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी भाषाई दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के चेयरमैन आरके वाजपेयी ‘विरल’ ने कहा कि अनुवाद केवल शब्दों का परिवर्तन नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और संस्कृतियों को जोड़ने की कला है। उन्होंने कहा कि हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत जैसी भाषाओं पर मजबूत पकड़ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारती है और उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को भाषा ज्ञान को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने का संदेश दिया।
विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता में अंग्रेजी एवं संस्कृत विषयों के अंतर्गत जूनियर वर्ग के कुल 225 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी से अंग्रेजी तथा अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति क्षमता, शब्द चयन और भाषा कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सीखने की ललक साफ दिखाई दी।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कक्षा आठ सुपर ए प्लस की छात्रा आयुषी वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा सात सुपर ए प्लस की ओम्या पटेल ने द्वितीय तथा कक्षा आठ सुपर ए प्लस की आयुषी राज ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त कक्षा छह सुपर-40 के छात्र आर्यन को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सभी विजेता प्रतिभागियों को संस्था की ओर से आकर्षक पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन जूनियर वर्ग की छात्राओं अंशिका यादव एवं आंचल वर्मा ने प्रभावशाली ढंग से किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य नीरज वर्मा, अंजुली वर्मा, अंग्रेजी प्रवक्ता एसपी त्रिपाठी, विषद कुमार, मंजू सिंह, पुष्पा आर्या, अजय सिंह, श्रद्धा श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर विजेता विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर अध्ययन और भाषा कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
