मऊगंज। जिले के ग्राम पंचायत अमोखर में गौशाला के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से संचालित की जा रही गौशाला में महज 800 स्क्वायर फीट के बाड़े में सैकड़ो गौवंश दिखाकर लाखों रुपए का सरकारी भुगतान निकाल लिया गया। आरटीआई से मिली जानकारी के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। और अधिकारियों व एनजीओ की मिली भगत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम अमोखर निवासी सुनील कुमार पाण्डेय ने कलेक्टर मऊगंज से शिकायत सौंपते हुए दावा किया है कि विकास एनजीओ द्वारा वर्ष 2024 से संचालित गौशाला में फर्जी तरीके से गौवंश की संख्या बढ़ा कर सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया। शिकायत के अनुसार प्रशासनिक रिकॉर्ड में गौशाला का क्षेत्रफल केवल 800 स्क्वायर फीट दर्ज है लेकिन इसी छोटे से बाड़े में
कभी 250 तो कभी 450 से अधिक गौवंश दर्शाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि अक्टूबर 2024 में इसी गौशाला में 577 का गौवंश रखने का दावा करते हुए 3 लाख 57 हजार 740 रुपए का भुगतान प्राप्त कर लिया गया। आरटीआई से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक पिछले करीब 18 महीना में लगातार 400 से ज्यादा गोवंश दर्शाकर लगभग 55 लख रुपए की सरकारी राशि निकाल ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि एक गोवंश के बैठने के लिए कम से कम 35 से 40 स्क्वायर फीट जगह की आवश्यकता होती है ऐसे में 800 स्क्वायर फीट में 20 से अधिक गोवंश रखना भी संभव नहीं है। जबकि रिकॉर्ड में 500 से ज्यादा गौवंश दिखाए गए इससे साफ जाहिर होता है की गौशाला के नाम पर बड़े स्तर पर फर्जी बाड़ा कर सरकारी धन का गदुरुपयोग योग किया गया।
सरकारी जमीन पर कब्जे का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है की जिस जमीन पर गौशाला संचालित की जा रही है वह शासकीय भूमि है। जिसका आवंटन मुन्नालाल आदिवासी के नाम पर बताया गया था। इसके बावजूद विकास एनजीओ के संचालक वेदमाणी शुक्ला द्वारा यहां गौशाला शुरू कर दी गई। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल कर सरकारी सीएफटी भवन में टीनशेड लगाकर अतिक्रमण किया गया। साथ ही गांव के निवाशी मार्ग पर भी कब्जे का प्रयास किया गया जिससे विवाद की स्थिति निर्मित हुई।
सीईओ ने दिए अतिक्रमण हटाने के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने पर जनपद पंचायत मऊगंज के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सरपंच और सचिव को पत्र जारी कर दिया पति पवन सिंह अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।

